
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है। शहर के बीचों-बीच स्थित साउथ मलाका के सब्जी मंडी चौराहा इलाके में एक ही परिवार के चार लोगों की सिर कुचलकर बेरहमी से सामूहिक हत्या कर दी गई।
इस वीभत्स हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस और फॉरेंसिक टीम के हाथ एक ऐसा चौंकाने वाला सुराग लगा है, जिसने पूरी मर्डर मिस्ट्री को एक नया और पेचीदा मोड़ दे दिया है।
घटनास्थल पर चारों शवों के ठीक पास एक गत्ता बरामद हुआ है, जिस पर हाथ से लिखा हुआ था- 'बंटी-बबली, बहू ने मारा है'। इस सुराग के सामने आने के बाद से पुलिस ने अपनी जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया है। लिखावट का मिलान कराने की विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है ताकि यह सटीक पता लगाया जा सके कि गत्ते पर यह इबारत किसने और कब लिखी थी।
बंद घर से आ रही थी भयंकर दुर्गंध, ताला तोड़ा तो अलग-अलग कमरों में खून से लथपथ मिले चार शव
यह पूरा खौफनाक मामला तब उजागर हुआ जब मंगलवार को वीरेंद्र कुमार के बंद मकान से भयंकर दुर्गंध आने लगी। स्थानीय पड़ोसियों की सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने जब घर का ताला तोड़ा, तो भीतर का नजारा देखकर अधिकारियों के होश उड़ गए। घर के अलग-अलग कमरों में कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य (70), उनकी पत्नी अनीता वैश्य (65), बेटी मीनाक्षी वैश्य (45) और बड़े बेटे अभिषेक वैश्य (40) के शव खून से पूरी तरह लथपथ हालत में पड़े हुए थे।
चारों मृतकों के सिर पर किसी भारी वस्तु से वार किए जाने के गहरे जख्म और चोट के निशान थे। पुलिस की शुरुआती तकनीकी जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि इस पूरी खौफनाक वारदात को करोड़ों रुपये की पैतृक संपत्ति के लालच में अंजाम दिया गया है।
बंटी-बबली और बहू का नाम; जांच की दिशा मोड़ने की बड़ी साजिश तो नहीं?
इस सामूहिक हत्याकांड में गत्ते पर लिखे संदेश ने पुलिस महकमे के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस को यह अंदेशा है कि गत्ते पर लिखा यह रहस्यमयी नोट कहीं जांच की दिशा को भटकाने की कोई सोची-समझी गहरी साजिश तो नहीं है। पुलिस अब इस थ्योरी पर भी बारीकी से काम कर रही है कि क्या हत्यारों ने सोचे-समझे खेल के तहत 'बंटी-बबली' और बहू का जिक्र वहां किया है।
सीसीटीवी कैमरों का पहरा और करीबियों पर शक, कौशाम्बी जेल में बंद है छोटा बेटा
वारदात की कड़ियों को क्रमवार जोड़ने के लिए पुलिस हर संभावित एंगल को खंगाल रही हैं। चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई है कि मृतक वीरेंद्र कुमार वैश्य ने अपने छोटे बेटे अश्विनी को करीब 15 साल पहले ही अपनी पूरी चल-अचल संपत्ति से कानूनी रूप से बेदखल कर दिया था। वर्तमान में अश्विनी कौशाम्बी जेल में बंद है, जबकि उसकी पत्नी रितु के खिलाफ मंझनपुर और पश्चिमशरीरा कोतवाली में मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस जेल में बंद बेटे के संपर्कों और उसकी पत्नी की लोकेशन की भी पड़ताल कर रही है। इसके साथ ही, हाल ही में परिवार द्वारा बेची गई तीन दुकानों के एंगल और वीरेंद्र के घर के किराएदारों व करीबियों को संदेह के घेरे में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है।
360 डिग्री कैमरे खंगाल रही पुलिस, पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट से साफ होगी स्थिति
वीरेंद्र कुमार के घर के ठीक पास ट्रैफिक पुलिस के सात सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगे हुए हैं। इनमें से दो कैमरों का झुकाव सीधे वीरेंद्र के मुख्य प्रवेश द्वार की ओर है, जबकि एक कैमरा चारों दिशाओं में घूमने वाला 360 डिग्री वाला है।
एसीपी कोतवाली रवि गुप्ता ने बताया कि इन कैमरों की फुटेज और इलाके की दिनचर्या में आए किसी भी संदिग्ध बदलाव या संदिग्ध गतिविधि की क्रमवार मैपिंग की जा रही है, जिससे जल्द ही अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। पुलिस का दावा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्यों और फिंगरप्रिंट्स की अंतिम रिपोर्ट आते ही हत्या के असली कारणों और हत्यारों के चेहरे पूरी तरह बेनकाब कर दिए जाएंगे।
अभिषेक यादव

