
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की चोरी की जांच के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपनी आंतरिक दान व्यवस्था और बैंकिंग सिस्टम में व्यापक विधिक सुधार किए हैं।
न्यास प्रबंधन ने वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए पुरानी व्यवस्था को पूरी तरह से बदल दिया है।
नए नियमों के तहत, अब मंदिर के अधिकृत बैंक खातों का संचालन किसी एक व्यक्ति के व्यक्तिगत विवेक या हस्ताक्षर पर निर्भर नहीं रहेगा। इसके बजाय अब तीन विधिक रूप से अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं के माध्यम से ही खातों का वित्तीय लेन-देन संपन्न कराया जाएगा, जिससे किसी भी प्रकार के वित्तीय गबन या धांधली की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
एक के बजाय तीन पदाधिकारियों के संयुक्त हस्ताक्षर हुए अनिवार्य, अनिल मिश्रा की पुरानी व्यवस्था खत्म
ट्रस्ट द्वारा जारी की गई नई व्यवस्था के मुताबिक, अब नवनियुक्त कार्यकारी महासचिव कृष्ण मोहन के साथ उनके दो सहयोगियों जगदीश और चंदन राय को भी बैंक खातों के संचालन के लिए संयुक्त रूप से अधिकृत किया गया है। नियमों के अनुसार, अब मंदिर के बैंक खातों से जुड़े किसी भी प्रकार के वित्तीय लेन-देन को पूरा करने के लिए इन तीनों ही अधिकृत पदाधिकारियों के संयुक्त हस्ताक्षर अनिवार्य रूप से होने आवश्यक होंगे।
गौरतलब है कि अब तक पूरी बैंकिंग व्यवस्था की जिम्मेदारी ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के पास सुरक्षित थी और बैंक में केवल उनके एकल हस्ताक्षर ही मान्य माने जाते थे, जबकि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी केवल डिजिटल हस्ताक्षरों का उपयोग करते थे। इस नई व्यवस्था को न्यास के वित्तीय ढांचे में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
दान गणना स्थल पर बढ़ाई गई सुरक्षा, 13 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे और एसआईएस जवान तैनात
बैंकिंग सिस्टम के साथ-साथ मंदिर परिसर की दान पेटियों से लेकर नकदी की गिनती तक की पूरी भौतिक प्रक्रिया में भी सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से कड़ा कर दिया गया है। नई प्रशासनिक गाइडलाइंस के तहत अब दान गणना स्थल पर एक समय में कुल 43 सुरक्षा और प्रशासनिक लोग अनिवार्य रूप से मौजूद रहेंगे, ताकि पूरी प्रक्रिया कई स्तरों की निगरानी में पूरी हो सके।
इसके अतिरिक्त, निगरानी तंत्र को अचूक बनाने के लिए परिसर में 13 नए सीसीटीवी कैमरे उन संवेदनशील स्थानों पर स्थापित किए गए हैं जहां पहले कवरेज नहीं था। ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दान पेटी से नकदी निकालने से लेकर उसकी अंतिम गिनती होने तक की प्रत्येक गतिविधि कैमरों के लाइव विजुअल्स की निगरानी में विधिक रूप से दर्ज रहे।
पिलर नंबर 34 पर विशेष पहरा, गुप्त दान पेटी की सुरक्षा के लिए पुलिस बल मुस्तैद
सुरक्षा ग्रिड को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए दान पेटियों से नकदी को सुरक्षित रूप से गणना स्थल तक पहुंचाने का जिम्मा 27 सुरक्षा कर्मियों की विशेष टुकड़ी को सौंपा गया है। इसके अलावा, स्थानीय पुलिस बल की एक अलग टीम भी इस पूरे रूट पर सुरक्षा का पहरा देगी। अधिकारियों के अनुसार, मंदिर परिसर के पिलर नंबर 34 के पास, जहां विशेष रूप से एक गुप्त दान पेटी रखी गई है, उसकी सुरक्षा के लिए तीन अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की स्थाई तैनाती सुनिश्चित की गई है।
अभिषेक यादव

