
अयोध्या राम मंदिर के काउंटिंग रूम और दानपात्रों से चढ़ावे की भारी-भरकम राशि गायब होने के सनसनीखेज मामले ने अब एक आक्रामक धार्मिक मोड़ ले लिया है। इस कथित वित्तीय घोटाले के उजागर होने के बाद ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों पर सीधा और तीखा हमला बोला है।
इसके साथ ही, मामले की जांच के घेरे में आए मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव को आम जनता के सीधे और भारी गुस्से का सामना करना पड़ा है।
बेंगलुरु की फ्लाइट में निर्माण प्रभारी गोपाल राव का हुआ घेराव, यात्रियों ने लगाए 'चढ़ावा चोर' के नारे
यह पूरा वाकया 2 जुलाई की सुबह का है, जब राम मंदिर के निर्माण प्रभारी और वित्तीय पहलुओं से जुड़े प्रमुख चेहरे गोपाल राव लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट से इंडिगो की फ्लाइट (संख्या 6E0231) के जरिए बेंगलुरु के लिए रवाना हुए थे।
जैसे ही फ्लाइट के भीतर मौजूद अन्य यात्रियों ने उन्हें सीट पर बैठे देखा, वैसे ही केबिन के अंदर मौजूद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यात्रियों ने विमान के भीतर ही गोपाल राव को सीधे तौर पर घेर लिया और उनके मुंह पर ही 'चंदा चोर' तथा 'चढ़ावा चोर' के बेहद तीखे नारे लगाने शुरू कर दिए।
सिर्फ इस्तीफा देने से छुट्टी नहीं मिलेगी, जेल भेजो वरना जनता खुद हिसाब करेगी- शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इस पूरे विवाद पर बेहद तल्ख और कड़े शब्दों का प्रयोग किया। चंपत राय के संभावित इस्तीफे की खबरों पर शंकराचार्य ने कहा, "इतने बड़े भगवान के दरबार में इतनी बड़ी चोरी करके क्या सिर्फ एक इस्तीफा सौंप देने से छुट्टी मिल जाएगी? यह कैसा नाटक बना रखा है।"
उन्होंने सरकार और जांच एजेंसियों को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर प्रशासन ने इन बड़े चेहरों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे नहीं डाला, तो वह दिन दूर नहीं जब देश की जनता खुद चंपत राय और उनके सहयोगियों को सड़कों पर पीटेगी। उन्होंने इन पदाधिकारियों को 'नकली हिंदू' करार देते हुए कहा कि ये लोग केवल हिंदू भावनाओं की आड़ लेकर आए थे और इन्होंने इंसानों को क्या, सीधे भगवान को ही धोखा दे दिया।
अभिषेक यादव

