रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के मंदिर हसौद में गुमशुदगी की रिपोर्ट ने सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया है। जहां शराब पार्टी के दौरान हुए विवाद में दोस्तों ने युवक की हत्या कर दी और महानदी किनारे रेत में दफना दिया।
पुलिस ने तकनीकी जांच और CCTV फुटेज की जांच कर पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, मंदिर हसौद थाना क्षेत्र के इंदिरा कॉलोनी निवासी भुनेश्वर यादव 22 मई की रात अचानक लापता हो गए थे। उनकी पत्नी ईश्वरी यादव ने 23 मई को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने जांच के दौरान आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाला और भुनेश्वर यादव के साथ आखिरी बार देखे गए लोगों से पूछताछ की। शुरुआत में आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों के सामने उनका झूठ ज्यादा देर तक नहीं टिक सका।
पूछताछ में आरोपियों ने कबूला जुर्म
पूछताछ में नोहर दास रात्रे उर्फ गोलू रात्रे, अमित राजपूत और हेमचंद बंजारे उर्फ सोनू बंजारे ने बताया कि घटना की रात सभी लोग एक साथ शराब पी रहे थे। बाद में वे ब्रेजा कार से महासमुंद की ओर निकले। रास्ते में हुए विवाद के दौरान भुनेश्वर यादव ने नोहर रात्रे को थप्पड़ मार दिया। इससे नाराज होकर तीनों आरोपियों ने मिलकर भुनेश्वर की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने इन धाराओं के तहत केस किया दर्ज
हत्या के बाद आरोपियों ने नोहर रात्रे के मामा श्रवण जांगड़े की मदद से महानदी किनारे रेत में गड्ढा खोदकर शव को दफना दिया। ताकि, किसी को पता न चल ना सके। पुलिस ने BNS की धारा 103(1), 238 और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर तीनो को गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
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रेवतीरमन द्विवेदी

