Closing bell: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में मजबूती दिखाने के बाद बाजार अचानक दबाव में आ गया और दिन के ऊपरी स्तर से सेंसेक्स करीब 1450 अंक टूट गया।
कारोबार खत्म होने तक बीएसई सेंसेक्स 1092.06 अंक यानी 1.44% गिरकर 74775.74 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी-50 359.40 अंक यानी 1.5% टूटकर 23547.75 के स्तर पर आ गया।
दिन के दौरान सेंसेक्स ने 76220.02 का हाई बनाया था, लेकिन आखिरी घंटों में तेज बिकवाली देखने को मिली। बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता रही।
अमेरिका-ईरान के बीच टेंशन से डरा बाजार
रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम बढ़ाने और होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग प्रतिबंध हटाने को लेकर सहमति बनी। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अंतिम मंजूरी अभी बाकी है। वहीं ईरानी मीडिया ने कहा कि समझौता अभी पूरी तरह फाइनल नहीं हुआ है। इसी अनिश्चितता ने निवेशकों को सतर्क कर दिया।
ब्रेंट क्रूड की कीमतें कम हुईं
इस बीच ब्रेंट क्रूड की कीमतें 93 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गईं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर तेल की कीमतें 85-90 डॉलर के बीच स्थिर रहती हैं तो भारतीय अर्थव्यवस्था और कंपनियों की कमाई पर दबाव कम होगा। हालांकि फिलहाल निवेशक किसी ठोस संकेत का इंतजार कर रहे हैं।
विदेशी निवेशक लगातार कर रहे बिकवाली
विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII ने बुधवार को 1040 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इस साल अब तक विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से 24.3 अरब डॉलर निकाल चुके हैं, जो पिछले साल के रिकॉर्ड स्तर से भी ज्यादा है।
निफ्टी का 24 हजार के पार टिकना जरूरी
तकनीकी कारण भी बाजार गिरने की एक बड़ी वजह बने। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निफ्टी को मजबूती के लिए 24000 के ऊपर टिकना जरूरी था, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। इसके बाद बिकवाली बढ़ती चली गई। वहीं इंडिया विक्स भी 6% चढ़कर 15.91 पर पहुंच गया, जो बाजार में बढ़ती घबराहट का संकेत माना जाता है।
मानसून ने भी बढ़ाई बाजार की चिंता
एक और चिंता मानसून को लेकर बढ़ी है। भारतीय मौसम विभाग ने भी दक्षिण-पश्चिम मानसून का अनुमान 92% से घटाकर 90% कर दिया। मौसम विभाग के मुताबिक इस साल सामान्य से कम बारिश की आशंका बढ़ गई। साथ ही मानसून की एंट्री में भी देरी हो रही है। कमजोर मानसून का असर खेती, ग्रामीण मांग और महंगाई पर पड़ सकता है।
इसके अलावा MSCI इंडेक्स में बदलाव को लेकर भी बाजार में हलचल रही। शुक्रवार को होने वाले रीबैलेंसिंग के तहत कुछ शेयर इंडेक्स में शामिल होंगे जबकि कई बाहर होंगे। इसी वजह से चुनिंदा शेयरों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
(प्रियंका कुमारी)
हरिभूमि बिज़नेस डेस्क

