लीलाधर राठी- सुकमा। जिले में शिक्षा विभाग ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए लंबे समय से विभिन्न कार्यालयों एवं अन्य संस्थानों में संलग्न 27 कर्मचारियों और शिक्षकों को उनके मूल पदस्थापना स्थल पर वापस भेजने का आदेश जारी किया है।
कलेक्टर कार्यालय से जारी आदेश के बाद शिक्षा महकमे में हलचल तेज हो गई है। वहीं, इस निर्णय से कई स्कूलों, छात्रावासों और कार्यालयों की कार्य व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है।
जारी आदेश के अनुसार, स्कूल शिक्षा विभाग के मंत्री द्वारा 25 जून को आयोजित समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के पालन में जिला शिक्षा कार्यालय सुकमा में वर्षों से संलग्न कर्मचारियों एवं शिक्षकों की संलग्नीकरण व्यवस्था समाप्त कर उन्हें मूल संस्थानों में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
27 कर्मचारियों की हुई घर वापसी
सूची में प्रधानपाठक, शिक्षक (एल.बी.), सहायक ग्रेड-2, व्यायाम शिक्षक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सहित कुल 27 कर्मचारीसूची में प्रधानपाठक, शिक्षक (एल.बी.), सहायक ग्रेड-2, व्यायाम शिक्षक, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सहित कुल 27 कर्मचारी शामिल हैं, जो अब अपने मूल विद्यालयों और संस्थानों में लौटेंगे।
कार्यालयीन कार्य पर पड़ेगा असर
इस निर्णय के बाद शिक्षा विभाग के भीतर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। विभागीय जानकारों का मानना है कि जिला शिक्षा कार्यालय, विकासखंड शिक्षा कार्यालय तथा कुछ छात्रावासों में वर्षों से यही कर्मचारी प्रशासनिक और कार्यालयीन कार्यों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनके एक साथ वापस जाने से कार्यालयीन कार्यों के संचालन, दस्तावेजों के निस्तारण, योजनाओं की मॉनिटरिंग तथा समन्वय व्यवस्था पर तत्काल असर पड़ सकता है।
रिक्तियों की भरपाई की ओर सबकी निगाहें
दूसरी ओर, जिन स्कूलों में ये कर्मचारी और शिक्षक वापस लौटेंगे, वहां लंबे समय से रिक्त पड़े पदों पर कार्य सुचारु होने की उम्मीद भी जताई जा रही है। इससे शैक्षणिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि शिक्षा विभाग इन रिक्तियों की भरपाई किस प्रकार करता है और कार्यालयों में उत्पन्न होने वाली संभावित प्रशासनिक अव्यवस्था से निपटने के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाती है।
(छत्तीसगढ़ के जिले, कस्बे और गांवों की खबरों के लिए हरिभूमि का "ई-पेपर" पढ़ें। यहां क्लिक करें "epaper haribhoomi" या प्लेस्टोर से "हरिभूमि हिंदी न्यूज़" App डाउनलोड करें।)
रेवतीरमन द्विवेदी

