
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और हाईटेक बनाने के लिए पुलिस प्रशिक्षण व्यवस्था की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। लखनऊ में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यूपी पुलिस के संपूर्ण ट्रेनिंग सिस्टम को पूरी तरह आधुनिक, व्यावहारिक और बनाया जाए।
सीएम योगी ने कहा कि आज के दौर में पुलिसिंग केवल पारंपरिक कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं रह गई है। अपराधियों से दो कदम आगे रहने के लिए हमारी फोर्स को तकनीक, संवेदनशीलता और प्रोफेशनल दक्षता से पूरी तरह लैस होना पड़ेगा।
ड्रोन, साइबर फॉरेंसिक और आधुनिक सिमुलेटर तकनीक का होगा इस्तेमाल
मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत अब यूपी पुलिस के जवानों और नए रिक्रूट्स को आधुनिकतम तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ट्रेनिंग मॉड्यूल में ड्रोन संचालन, साइबर फॉरेंसिक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल सर्विलांस को प्रमुखता से शामिल किया गया है। इसके अलावा जवानों की कार्यकुशलता और निर्णय लेने की क्षमता को निखारने के लिए अत्याधुनिक 'फायरिंग सिमुलेटर' और 'ड्राइविंग सिमुलेटर' जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।
सूबे के सभी प्रशिक्षण केंद्रों में स्मार्ट क्लासरूम स्थापित किए जाएंगे और ऑनलाइन विशेषज्ञ प्रशिक्षण की व्यवस्था भी शुरू की जाएगी, जिससे पुलिस बल में गुणवत्ता और एकरूपता सुनिश्चित हो सके।
जनता से मधुर व्यवहार के लिए मुंबई का 'टाटा इंस्टीट्यूट' देगा सॉफ्ट स्किल्स की ट्रेनिंग
इस आधुनिकीकरण अभियान का एक सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण पहलू पुलिसकर्मियों के व्यवहार में सुधार लाना है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि पुलिस का चेहरा जनता के लिए मददगार और अपराधियों के लिए भय का प्रतीक होना चाहिए। जनता से दुर्व्यवहार के मामलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन ने प्रथम चरण में चिन्हित 5,816 पुलिसकर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया है।
मुंबई के प्रतिष्ठित 'टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज' (TISS) के सहयोग से इन पुलिसकर्मियों को सॉफ्ट स्किल्स, संवाद क्षमता, तनाव प्रबंधन और नेतृत्व कौशल का विशेष व्यावहारिक पाठ पढ़ाया जा रहा है।
आईगाट (iGOT) पोर्टल पर यूपी पुलिस ने देश में हासिल किया पहला स्थान
समीक्षा बैठक के दौरान यह शानदार आंकड़ा भी सामने आया कि डिजिटल ट्रेनिंग के मोर्चे पर यूपी पुलिस ने पूरे देश में झंडा गाड़ा है। 'साधना सप्ताह' अभियान के तहत यूपी पुलिस देश भर में पहले पायदान पर रही है, जहां 3,90,799 पुलिसकर्मियों ने केंद्र सरकार के 'आईगाट' (iGOT) पोर्टल पर पंजीकृत होकर कुल 59,02,703 कोर्स सफलतापूर्वक पूरे किए हैं।
अकेले इस अभियान के दौरान ही जवानों द्वारा 28 लाख से अधिक कोर्स पूरे किए गए। वर्तमान में मुरादाबाद पुलिस एकेडमी सहित राज्य के 11 प्रशिक्षण संस्थानों, 6 पुलिस ट्रेनिंग स्कूलों, 2 आर्म्ड ट्रेनिंग संस्थानों और 93 से अधिक रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटरों की क्षमता को 18 हजार से बढ़ाकर 60,244 कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, मालदीव पुलिस के अधिकारियों और मर्चेंट नेवी के सुरक्षाकर्मियों को ट्रेनिंग देने का प्रस्ताव भी भारत सरकार के स्तर पर विचाराधीन है।
अभिषेक यादव

