
US-Iran Conflict: मध्य-पूर्व में हालात तेजी से बिगड़ते दिख रहे हैं। सीजफायर खत्म होने के कुछ घंटे बाद ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि अमेरिका बुधवार रात ईरान पर फिर "बहुत जोरदार" हमला कर सकता है।
अंकारा में NATO शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप के इस बयान ने दुनिया भर में चिंता बढ़ा दी है और एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की आशंकाएं फिर तेज हो गई हैं।
ट्रंप की नई चेतावनी
- हमने कल रात उन पर बहुत जोरदार हमला किया।
- हम शायद आज रात फिर उन पर जोरदार हमला करेंगे।
- मैं उन्हें थोड़ी चेतावनी दे रहा हूं।
- वे बहुत बुरा व्यवहार कर रहे हैं।
ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान खाड़ी क्षेत्र में जहाजों पर ड्रोन और मिसाइल हमले कर रहा है, जिसे अमेरिका अब और बर्दाश्त नहीं करेगा।
सीजफायर खत्म होने के बाद और आक्रामक हुए ट्रंप
पहले ट्रंप ने घोषणा की थी कि ईरान के साथ युद्धविराम (Ceasefire) समाप्त हो चुका है। अब उनके ताजा बयान से संकेत मिल रहे हैं कि अमेरिका सैन्य कार्रवाई और तेज कर सकता है। ट्रंप ने कहा कि ईरान की गतिविधियां क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुकी हैं।
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ी सैन्य गतिविधियां
अमेरिका के हालिया हमलों के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। खाड़ी में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट बढ़ा दिया गया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले 24 घंटे बेहद अहम हो सकते हैं।
तेल बाजार और शेयर बाजार पर पड़ सकता है बड़ा असर
यदि अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य कार्रवाई बढ़ती है तो इसका सीधा असर वैश्विक तेल आपूर्ति पर पड़ सकता है। हार्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के बड़े हिस्से को तेल आपूर्ति होती है। तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक शेयर बाजारों में और उथल-पुथल देखने को मिल सकती है।
ट्रंप बोले: 'सीजफायर खत्म, ईरान को चुकानी होगी भारी कीमत'
हार्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर शक्तिशाली हमले किए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने इन हमलों का बचाव करते हुए कहा, "हमने कल रात बहुत मजबूती से हमला किया। जो लोग यह सब कर रहे हैं, वे बहुत खतरनाक और बीमार मानसिकता वाले हैं।"
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरान की गतिविधियों का करारा जवाब देना जारी रखेगा और उनका लक्ष्य ईरान का 'डिन्यूक्लियरइजेशन' करना है।
ईरान का पलटवार और बढ़ता सैन्य तनाव
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। तेहरान ने इसे मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) का उल्लंघन बताते हुए अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए 'निर्णायक कदम' उठाने की चेतावनी दी है। दोनों देशों के बीच बढ़ती इस सैन्य तनातनी के कारण खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी जवाबी हमले हुए हैं, जिससे स्थिति और भी विस्फोटक हो गई है।
वैश्विक बाजार और तेल की कीमतों पर असर
अमेरिका और ईरान के बीच इस सीधे टकराव का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर साफ दिख रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में 5% से अधिक का उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड 5.3% बढ़कर 78.09 डॉलर प्रति बैरल और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 5.4% बढ़कर 74.23 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है।
भारतीय बाजारों में हाहाकार
भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा है। दोपहर के कारोबार में भारतीय बेंचमार्क सूचकांकों में भारी गिरावट देखी गई। सेंसेक्स 1,506.86 अंक (1.93%) लुढ़ककर 76,673.86 पर और निफ्टी 50 में 461.05 अंक (1.89%) की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह 23,937.65 के स्तर पर आ गया। बाजार के अधिकांश सेक्टर लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं, हालांकि मेटल, फार्मा और रियल्टी सेक्टर ने मामूली बढ़त बनाए रखी है।
ट्रंप ने नाटो और स्पेन पर साधा निशाना
नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने गठबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नाटो के देश ईरान के खिलाफ अमेरिका की मदद करने में अनिच्छुक थे, जिससे वे काफी नाराज हैं। इसके साथ ही, ट्रंप ने स्पेन के साथ सभी प्रकार के व्यापार पर रोक लगाने का भी निर्देश दिया है। स्पेन को 'खराब साथी' करार देते हुए उन्होंने यह फैसला इसलिए लिया क्योंकि स्पेन ने पहले अमेरिकी सेना को सैन्य ऑपरेशनों के लिए अपने बेस और एयरस्पेस का उपयोग करने से मना कर दिया था।
सुमित कुमार

