
उत्तर प्रदेश के युवाओं को तकनीकी और कौशल विकास से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद ने सत्र 2026-27 के लिए अपनी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।
राजधानी लखनऊ सहित पूरे प्रदेश के राजकीय और निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए इसी सप्ताह से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इस नए सत्र की सबसे खास बात यह है कि सरकार ने तकनीकी क्षेत्रों में बेटियों की भागीदारी को और ज्यादा मजबूत करने के लिए उन्हें आवेदन शुल्क में एक बहुत बड़ी और विशेष राहत प्रदान की है।
श्रेणीवार आवेदन शुल्क और सुधार का अवसर
जारी अधिसूचना के मुताबिक, राज्य के आईटीआई संस्थानों में दाखिले के लिए सभी वर्गों की बालिकाओं को केवल 100 रुपये ऑनलाइन आवेदन शुल्क देना होगा। वहीं दूसरी ओर, सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग के पुरुष अभ्यर्थियों के लिए यह शुल्क 300 रुपये तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 250 रुपये निर्धारित किया गया है।
प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन की यह पूरी प्रक्रिया कुल 25 कार्य दिवसों तक सक्रिय रहेगी। इसके साथ ही, परिषद ने छात्रों की सुविधा के लिए यह भी प्रावधान किया है कि आवेदन की समय सीमा समाप्त होने के दो दिन बाद तक सभी अभ्यर्थियों को अपने फॉर्म में सुधार या संशोधन करने का पूरा अवसर दिया जाएगा।
मेरिट आधारित चयन और कॉलेज आवंटन के तीन विकल्प
सत्र 2026-27 के तहत प्रवेश की पूरी प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी और मेरिट आधारित होगी। छात्रों का चयन उनकी आठवीं और दसवीं कक्षा में प्राप्त अंकों की मेरिट सूची के आधार पर किया जाएगा और इसी मेरिट के अनुसार प्रथम चरण में सीटों का ऑनलाइन आवंटन सुनिश्चित होगा। ऑनलाइन फॉर्म भरते समय अभ्यर्थियों को संस्थानों के चयन के लिए तीन प्रकार के विकल्प दिए जाएंगे।
पहले विकल्प के तहत छात्र केवल राजकीय आईटीआई और पीपीपी मॉडल के संस्थानों को चुन सकेंगे, दूसरे विकल्प में सिर्फ निजी आईटीआई का चयन करने की सुविधा होगी, जबकि तीसरे विकल्प के अंतर्गत राजकीय और निजी दोनों प्रकार के आईटीआई संस्थानों को एक साथ चुनने की आजादी मिलेगी।
स्थानीय आरक्षण, खिलाड़ियों और आश्रितों को वरीयता
नए नियमों और बदलावों के तहत इस बार स्थानीय स्तर पर युवाओं को अधिक अवसर देने की योजना बनाई गई है, जिसके अनुसार राजकीय आईटीआई एवं पीपीपी मॉडल संस्थानों की 75 प्रतिशत सीटों पर उसी संबंधित जिले के अभ्यर्थियों को प्रवेश का प्राथमिकता अवसर मिलेगा। यह प्रवेश केवल एनसीवीटी और एससीवीटी से मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों में ही मान्य होगा।
इसके अलावा, राज्य सरकार ने विशिष्ट श्रेणियों के लिए वरीयता अंक तय किए हैं, जिसके तहत राजकीय आईटीआई और व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बच्चों को प्रवेश में 10 अंकों का वेटेज (वरीयता) दिया जाएगा। साथ ही, राज्यस्तरीय खिलाड़ियों को भी मेरिट में तीन अतिरिक्त अंकों की वरीयता मिलेगी और नियमनुसार एससी, एसटी व ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को आरक्षण का पूरा लाभ मिलेगा।
हरिभूमि यूपी डेस्क

