
उत्तर प्रदेश में बारिश और बूंदाबांदी का दौर खत्म होते ही गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव खत्म होने के बाद प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क हो गया है और तापमान तेजी से बढ़ रहा है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार,अगले एक सप्ताह में पारा 6 से 8 डिग्री तक बढ़ सकता है, जिससे कई जिलों में तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है।
शनिवार को उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड इलाके में गर्मी का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। झांसी 40.5 डिग्री तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा। इसके अलावा प्रयागराज और बांदा में भी अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री दर्ज किया गया।
हमीरपुर में पारा 38.2 और उरई में 37.6 डिग्री रहा। मौसम विभाग के मुताबिक, बादलों की आवाजाही खत्म होने के बाद अब सीधी धूप के कारण धरती तेजी से गर्म हो रही है, जिससे मैदानी इलाकों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 7 दिनों में गर्मी अपना विकराल रूप दिखाएगी। राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान में 6-8 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है। कुल मिलाकर यह तापमान 42 से 44 डिग्री तक जा सकता है।
हालांकि, राहत की बात यह है कि फिलहाल 'लू' जैसी गंभीर स्थिति की संभावना नजर नहीं आ रही है, लेकिन चिलचिलाती धूप और बढ़ता तापमान जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी रविवार से बारिश और बूंदाबांदी की गतिविधियां पूरी तरह थम जाएंगी। हवाओं का रुख बदलने और आसमान साफ रहने के कारण अब गर्मी का असर ज्यादा महसूस होगा।
झांसी, प्रयागराज, कानपुर और वाराणसी जैसे शहरों में दिन के समय गर्मी का असर सबसे ज्यादा रहेगा। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि बढ़ते तापमान को देखते हुए दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें।
अभिषेक यादव

