
इंदौर: इंदौर-महू डेमू ट्रेन से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि लोको पायलट ने ट्रेन को निर्धारित स्टेशन के बजाय बीच रास्ते में रोककर समोसे खरीदने के लिए इंजन से नीचे उतर गया।
मामला सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं।
जानकारी के अनुसार
यह घटना इंदौर-महू रेलखंड पर राऊ के पास रंगवासा रोड की बताई जा रही है। वायरल वीडियो में डेमू ट्रेन कुछ मिनटों तक ट्रैक पर खड़ी दिखाई देती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ट्रेन अक्सर इसी स्थान पर रुकती है और लोको पायलट पास की दुकान से समोसे खरीदने जाता है। उनका दावा है कि इससे ट्रेन करीब 10 मिनट तक देरी से चलती है। वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन हरकत में आया और मामले की जांच शुरू कर दी गई।
वायरल वीडियो वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दिया
रतलाम रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि वायरल वीडियो वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। मुकेश कुमार ने कहा, "यदि जांच में यह साबित होता है कि ट्रेन को बिना किसी परिचालन आवश्यकता या अधिकृत कारण के रोका गया था और लोको पायलट व्यक्तिगत कार्य के लिए इंजन से नीचे उतरा था, तो रेलवे के नियमों के अनुसार उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि ट्रेन वास्तव में किसी तकनीकी या परिचालन कारण से रुकी थी या फिर वायरल वीडियो में लगाए गए आरोप सही हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वीडियो को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं
इस बीच सोशल मीडिया पर वीडियो को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई यूजर्स ने रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, जबकि कुछ लोगों ने जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचने की सलाह दी है। फिलहाल रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
भरत श्रीवास्तव

