Entry Tax Dispute: हिमाचल व पंजाब की सीमा पर स्वारघाट के पास गारमोडा टोल प्लाजा पर आज सुबह से एंट्री टैक्स को लेकर चल रहा बवाल फिलहाल थम गया है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के साथ बातचीत के बाद आंदोलन को अस्थायी रूप से स्थगित करते हुए सरकार को 10 दिन का समय दिया है।
इससे पहले सुबह उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब पंजाब की जत्थेबंदियों ने एंट्री पूरी तरह बंद कर दी। एंट्री टैक्स में बढ़ोतरी के विरोध में यह कदम उठाया गया है, जिससे बॉर्डर पर लंबा जाम लग गया और वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई।
हिमाचल बीजेपी नेता भी समर्थन में पहुंचे
आज सुबह प्रदर्शन में पंजाब की किसान यूनियन, टैक्सी यूनियन और ट्रक यूनियन सहित कई संगठन शामिल रहे । खास बात यह है कि इस विरोध प्रदर्शन में हिमाचल बीजेपी नेता भी समर्थन में पहुंचे हैं। बिलासपुर जिला परिषद के उपाध्यक्ष मानसिंह धीमान ने भी सरकार के फैसले का विरोध करते हुए धरने में भाग लिया।
एंट्री टैक्स को लेकर रोष
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने एंट्री टैक्स बढ़ाकर उनके साथ अन्याय किया है। उनका कहना है कि जब वे सीमा पार कर रहे थे, तो उनसे बढ़े हुए रेट ही वसूले गए, जिससे उनमें भारी रोष है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सरकार यह फैसला वापस नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
हिमाचल और पंजाब पुलिस की टीमें सीमा पर
वहीं, मौके पर प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। एसडीएम स्वारघाट धर्मपाल चौधरी ,डीएसपी श्री नैना देवी जी विक्रांत भोसले पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने में जुटे हैं। हिमाचल और पंजाब पुलिस की टीमें और अधिकारी भी सीमा पर तैनात हैं।
पर्यटक और श्रद्धालु काफी परेशान
इस बीच जाम में फंसे पर्यटक और श्रद्धालु काफी परेशान नजर आए। उन्होंने गाड़ियां रोकने का विरोध करते हुए कहा कि आम जनता को परेशान करने के बजाय नेताओं के खिलाफ प्रदर्शन किया जाना चाहिए।
धरना-प्रदर्शन फिलहाल समाप्त
एसडीएम ने कहा कि उच्च अधिकारियों से बात हुई है। हिमाचल व पंजाब के अधिकारियों के बीच 10 दिन में बैठक होगी और फैसला लिया जाएगा। बहरहाल पंजाब के विभिन्न संगठनों का धरना-प्रदर्शन फिलहाल समाप्त हो गया है और जाम खोल दिया गया है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के साथ बातचीत के बाद आंदोलन को अस्थायी रूप से स्थगित करते हुए सरकार को 10 दिन का समय दिया है।प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि 10 दिन के भीतर हिमाचल में लगाए गए प्रवेश शुल्क को लेकर कोई संतोषजनक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे दोबारा बैरियर पर चक्का जाम करेंगे।

