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'पति-पत्नी और वो.', ट्विशा शर्मा केस में 'तीसरे शख्स' की एंट्री, प्रेग्नेंसी के बाद बेचैन रहने लगा था समर्थ, CBI पता लगा रही कौन है अमित?

'पति-पत्नी और वो.', ट्विशा शर्मा केस में 'तीसरे शख्स' की एंट्री, प्रेग्नेंसी के बाद बेचैन रहने लगा था समर्थ, CBI पता लगा रही कौन है अमित?

  • प्रेग्नेंसी पर शक, रिश्तों में दरार! त्विषा मौत मामले में चौंकाने वाले खुलासे
  • पति के दावों की होगी पड़ताल, 80 किलो की डमी से क्राइम सीन रीक्रिएट करेगी सीबीआई
  • मॉडल की मौत का रहस्य गहराया, अमित नाम के शख्स पर टिकी जांच

भोपाल। मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के बहुचर्चित मामले में जांच कर रही सीबीआई को ऐसे तथ्य मिले हैं, जिन्होंने केस को नया मोड़ दे दिया है। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई है कि पति-पत्नी के रिश्ते में किसी तीसरे व्यक्ति की मौजूदगी को लेकर विवाद था। इसी एंगल पर अब सीबीआई अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, अमित नाम के एक व्यक्ति का त्विषा और उनके पति समर्थ सिंह के वैवाहिक जीवन में दखल होने की बात सामने आई है। जांच एजेंसी को यह भी जानकारी मिली है कि त्विषा की प्रेग्नेंसी को लेकर समर्थ सिंह को संदेह था। पूछताछ में समर्थ ने कथित रूप से दावा किया है कि वह सुरक्षित संबंध बनाता था, इसलिए गर्भस्थ शिशु को लेकर उसके मन में सवाल थे। इसी वजह से पति-पत्नी के बीच तनाव और विवाद बढ़ने लगे थे।

जांच के दौरान यह पहलू भी सामने आया है कि दंपती कथित रूप से केमिकल नशे का सेवन करते थे। सूत्रों के अनुसार, इसी कारण चिकित्सकों ने गर्भपात की सलाह दी थी, क्योंकि गर्भस्थ शिशु पर गंभीर दुष्प्रभाव की आशंका जताई गई थी। सीबीआई अब त्विषा का इलाज करने वाले डॉक्टरों से भी पूछताछ करेगी और संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड की जांच करेगी।

शनिवार को सीबीआई अधिकारियों ने आरोपित पति समर्थ सिंह और उसकी मां, सेवानिवृत्त जिला जज गिरिबाला सिंह से अलग-अलग पूछताछ की। पूछताछ में घटना वाले दिन की परिस्थितियों और घटनाक्रम को लेकर कई सवाल किए गए। गिरिबाला सिंह से पूछा गया कि उन्होंने समर्थ को घर से बाहर क्यों भेजा था। इस पर उनका जवाब था कि समर्थ नशे की हालत में था, इसलिए उन्हें डर लग रहा था।

गौरतलब है कि 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में त्विषा शर्मा का शव फंदे से लटका मिला था। मृतका के मायके पक्ष ने दहेज हत्या और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी गई थी।

क्राइम सीन रीक्रिएट करेगी सीबीआई

मामले की तह तक पहुंचने के लिए सीबीआई अब घटनास्थल पर क्राइम सीन रीक्रिएट करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए दिल्ली से फोरेंसिक विशेषज्ञों की विशेष टीम बुलाई गई है। जांच एजेंसी लगभग 80 किलोग्राम वजन की एक डमी का इस्तेमाल करेगी, जो त्विषा के वजन के बराबर बताई जा रही है।

सीबीआई समर्थ सिंह के उस दावे की जांच करेगी, जिसमें उसने कहा था कि उसने फंदे से शव को नीचे उतारा था। वहीं गिरिबाला सिंह को भी यह प्रदर्शित करना होगा कि उन्होंने फंदे की गांठ किस प्रकार खोली थी। इन परीक्षणों के आधार पर एजेंसी घटना की वास्तविक परिस्थितियों का आकलन करेगी।

बेल्ट की होगी फोरेंसिक जांच

जांच एजेंसी उस बेल्ट की भी फोरेंसिक जांच कराएगी, जिसके जरिए कथित तौर पर फंदा लगाया गया था। विशेषज्ञ यह पता लगाएंगे कि बेल्ट कितना वजन सहन कर सकती थी और घटना की परिस्थितियों से उसका कितना मेल बैठता है।

आरक्षक की वीडियोग्राफी बनी अहम सबूत

इस मामले में कटारा हिल्स थाने में तैनात आरक्षक राघवेंद्र की सूझबूझ भी जांच में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। त्विषा की मौत के बाद जब पुलिस टीम पहली बार समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के साथ घटनास्थल पर पहुंची थी, तब आरक्षक ने पूरे घटनाक्रम की लगभग 34 मिनट की लगातार वीडियोग्राफी की थी।

सीबीआई ने इस वीडियो को महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में शामिल किया है। अधिकारियों का मानना है कि इससे घटनास्थल की वास्तविक स्थिति समझने और कई तथ्यों के सत्यापन में मदद मिली है। जांच एजेंसी ने आरक्षक की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए उन्हें पुरस्कृत किए जाने की अनुशंसा भी की है।

फिलहाल सीबीआई सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। एजेंसी का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट, पूछताछ और घटनास्थल के पुनर्निर्माण के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

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