Dailyhunt
पत्नी प्रोफेसर 60 हजार सैलरी-  फिर भी मांग' रही थी गुजारा भत्ता जानिए सुप्रीम कोर्ट ने क्या फैसला दिया?

पत्नी प्रोफेसर 60 हजार सैलरी- फिर भी मांग' रही थी गुजारा भत्ता जानिए सुप्रीम कोर्ट ने क्या फैसला दिया?

ई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने एक महिला की अपने पति से गुजारा भत्ता मांगने वाली याचिका खारिज कर दी है. कोर्ट ने कहा कि महिला नौकरीपेशा है और उसके पति के बराबर पद पर है. ऐसे में वह अपना ख्याल खुद रख सकती है.

जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्जवल भुयान की पीठ ने महिला को राहत देने से इनकार कर दिया. महिला असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर काम करती है और उसने अपने पति से गुजारा भत्ता मांगा था.

कोर्ट ने अपने संक्षिप्त आदेश में कहा, 'पत्नी और पति दोनों ही असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हैं. ऐसे में भारत के संविधान के अनुच्छेद 136 के तहत हमारे अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करते हुए हस्तक्षेप का कोई मामला नहीं बनता है. स्पेशल लीव पेटिशन खारिज की जाती है.' सुप्रीम कोर्ट की बेंच महिला की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उसने गुजारा भत्ता मांगा था.

कितना कमाती है पत्नी
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, पत्नी की गुजारा भत्ते वाली मांग का उसके पति ने विरोध किया. पति ने आरोप लगाया कि महिला नौकरी कर रही है इसलिए उसे गुजारा भत्ता की जरूरत नहीं है. पति के वकील शशांक सिंह ने कोर्ट को बताया कि महिला हर महीने करीब 60,000 रुपये कमाती है. पति-पत्नी दोनों समान पद पर हैं.

पत्नी की दलील न आई काम
वहीं, महिला ने दलील दी कि वह गुजारा भत्ता पाने की हकदार है. पत्नी की कमाई और उसकी योग्यता अपने आप में पति को गुजारा भत्ता देने के दायित्व से मुक्त नहीं करती. उसने पीठ को बताया कि उसके पति की हर महीने करीब 1 लाख रुपये की कमाई है. चूंकि दोनों की मासिक आय को लेकर विवाद था, इसलिए कोर्ट ने दोनों को पिछले एक साल की सैलरी स्लिप पेश करने का निर्देश दिया था. महिला ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा तब खटखटाया था, जब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट और निचली अदालत ने गुजारा भत्ता की उसकी याचिका खारिज कर दी थी.

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Himachal Fast News