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₹32 करोड़ और कंपनी पर कब्जे का लालच. बिजनेस पार्टनर की हत्या के लिए UP से बुलवाए थे शूटर, कैसे फेल हो गया प्लान?​

₹32 करोड़ और कंपनी पर कब्जे का लालच. बिजनेस पार्टनर की हत्या के लिए UP से बुलवाए थे शूटर, कैसे फेल हो गया प्लान?​

Himachal Se 1 week ago

Palghar News: महाराष्ट्र के पालघर जिले के वसई में उद्योगपति मोहनसिंह परमार पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. जांच में सामने आया है कि करीब 32 करोड़ रुपए के आर्थिक लाभ और कंपनी पर पूरा कब्जा करने की मंशा से कारोबारी की हत्या की साजिश रची गई थी.

वालीव पुलिस ने इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता समेत कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, दो शूटरों को उत्तर प्रदेश से पकड़ा गया है, जबकि हथियार उपलब्ध कराने वाले आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है.

कंपनी पर कब्जे के लिए रची गई साजिश

पुलिस के अनुसार, 24 जुलाई 2026 को वसई स्थित डायमंड इंडस्ट्रियल एस्टेट में जी.एस.एम. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। फॉइल्स लिमिटेड के भागीदार मोहनसिंह लक्ष्मणसिंह परमार पर गोली चलाकर हत्या की कोशिश की गई थी. घटना के बाद वालीव पुलिस थाने में हत्या के प्रयास और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया.

जांच में पता चला कि मोहनसिंह परमार और सागर गिरीश भानुशाली कंपनी के साझेदार हैं. पुलिस के मुताबिक, सागर भानुशाली को शेयर बाजार में भारी नुकसान हुआ था, जिससे वह आर्थिक संकट में आ गया. इसी दौरान उसने मोहनसिंह परमार से उनके हिस्से के शेयर खरीदने का सौदा किया और करीब 32 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया.

हत्या से खत्म हो जाती करोड़ों की जिम्मेदारी

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि यदि मोहनसिंह परमार की हत्या हो जाती तो आरोपी को 32 करोड़ रुपए लौटाने की जिम्मेदारी से छुटकारा मिल जाता और कंपनी पर उसका पूरा नियंत्रण हो जाता. इसी आर्थिक लाभ के लिए पूरी साजिश रची गई थी.

कंपनी के बाहर मारी गई गोली

पुलिस के अनुसार, 24 जुलाई की शाम दो आरोपी बाइक से कंपनी के बाहर पहुंचे. जैसे ही मोहनसिंह परमार बाहर निकले, एक आरोपी ने बेहद करीब से उन पर गोली चला दी. दूसरी गोली नहीं चलने पर उसने पिस्टल की बट से उनके सिर पर हमला किया और दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए. घायल मोहनसिंह परमार को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी सर्जरी की गई. फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है.

उत्तर प्रदेश से पकड़े गए आरोपी

घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल, तकनीकी जांच और मुखबिरों की मदद से आरोपियों का पता लगाया. जांच में उनके उत्तर प्रदेश में छिपे होने की जानकारी मिली. इसके बाद पुलिस की विशेष टीम वहां रवाना हुई. पुलिस ने आजमगढ़ से मनोज मूलचंद ठठेरा और बलिया से सुजीत देवेंद्रभाई पांडे को गिरफ्तार किया.

इसके अलावा मुख्य साजिशकर्ता सागर गिरीश भानुशाली सहित कुल सात आरोपियों को हिरासत में लिया गया है. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है. साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है. वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, सभी आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और घटना की साजिश से जुड़े हर तथ्य की जांच की जा रही है.

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Himachal Se