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कारोबार के लिए 6 साल बाद फिर खुला भारत-चीन बॉर्डर, 2020 में हो गया था बंद​

कारोबार के लिए 6 साल बाद फिर खुला भारत-चीन बॉर्डर, 2020 में हो गया था बंद​

Himachal Se 2 weeks ago

भारत और चीन के बीच सीमा व्यापार सिक्किम के नाथू ला दर्रे और हिमाचल प्रदेश के शिपकी ला दर्रे के रास्ते शनिवार को छह साल बाद फिर शुरू हो गया. कोविड19 महामारी के बाद भारतचीन सीमा संबंधों में आए तनाव के कारण वर्ष 2020 से यह व्यापार बंद था.

पूर्वी सिक्किम स्थित नाथू ला में उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें दोनों देशों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया.

इसके साथ ही समुद्र तल से 14,000 फुट से अधिक ऊंचाई पर स्थित इस रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण दर्रे के जरिए मौसमी व्यापार की वापसी हुई. सिक्किम के वाणिज्य और उद्योग विभाग की सचिव कर्मा डी. युत्सो ने बताया कि मौजूदा द्विपक्षीय व्यापार व्यवस्था के तहत यह मौसमी व्यापार नवंबर तक हर हफ्ते सोमवार से गुरुवार के बीच संचालित होगा. उन्होंने कहा कि इस साल 38 पंजीकृत व्यापारियों को व्यापार पास जारी किए गए हैं.

36 वस्तुओं का होगा व्यापार

इस मार्ग से अधिसूचित 36 वस्तुओं का व्यापार होगा, जिनमें हस्तशिल्प, हथकरघा उत्पाद, पारंपरिक धार्मिक सामग्री, रेडीमेड परिधान और अन्य स्वीकृत वस्तुएं शामिल हैं. सचिव ने बताया कि सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. भारततिब्बत सीमा पुलिस मानक संचालन प्रक्रिया के तहत सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही है. पहली बार महिला आईटीबीपी प्लाटून भी नाथूला में तैनात की गई है.

1962 में हुए युद्ध के बाद नाथू ला दर्रा बंद

भारतचीन के बीच साल 1962 में हुए युद्ध के बाद नाथू ला दर्रा बंद कर दिया गया था, जिसे 2006 में चार दशक से अधिक समय बाद सीमा व्यापार के लिए फिर खोला गया था. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। यह दोनों देशों के बीच अधिसूचित सीमा व्यापार केंद्रों में से एक है और यहां हर साल मई से नवंबर तक व्यापार होता है.

शिपकी ला दर्रे से भी दोनों देशों के बीच व्यापार शुरू

उधर हिमाचल प्रदेश के प्राचीन सिल्क रूट माने जाने वले शिपकी ला दर्रे से भी दोनों देशों के बीच व्यापार शुरू हुआ. राज्य के राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने 16 व्यापारियों को उनके घोड़ों के साथ तिब्बत के शिपकी गांव के लिए रवाना किया. मंत्री ने बताया कि व्यापार वस्तु विनिमय प्रणाली के तहत होगा. व्यापारियों को तिब्बती क्षेत्र में 72 घंटे तक व्यापार करने के बाद वापस लौटना होगा.

उन्होंने किन्नौर जिले की सीमावर्ती ग्राम पंचायत नामग्या के शिपकी ला क्षेत्र में 1.70 करोड़ रुपए की लागत से बने आधुनिक छुप्पन ट्रेड मार्ट का भी उद्घाटन किया. यह केंद्र सीमा व्यापार को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से बनाया गया है.

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