Thursday, 21 Jan, 7.56 pm हिमाचली खबर

अजब गज़ब
1 करोड़ रुपए में बिकती है ये 1 छिपकली, जानिए भारत में कहां मिलेगी? -

करोड़पति बनने का सपना हर कोई देखता हैं. बस फर्क इतना हैं कि इतना पैसा कमाने के लिए लोग अलग अलग राह चुनते हैं. कोई कई सालो तक मेहनत और बुद्धि का उपयोग कर लीगल तरीके से करोड़पति बनता हैं, तो कोई गलत रास्ता अपनाकर पैसे कमाने की चाह रखता हैं. वहीँ कुछ लोग किस्मत का खाते हैं और बिना कोई मेहनत किए लोटरी या अन्य माध्यम से करोड़पति बन जाते हैं.

एक करोड़ रूपए तक बिकती
आज हम आपको कुछ ऐसे लोगो के बारे में बताएंगे जिन्होंने करोड़पति बनने के लिए एक नया ही रास्ता चुना हैं. ये लोग छिपकलियाँ बेच करोड़ो रुपए कमाते हैं. अब आप बोलोगे कि भला एक छिपकली के लिए कौन पागल 1 करोड़ रूपए तक देने को तैयार हो जाएगा? लेकिन आपको बता दे कि यह छिपकली कोई आम छिपकली नहीं हैं. ये एक विशेष प्रजाति की छिपकली हैं जिसे टोके गेको कहा जाता हैं.

मांस से बनती हैं दवाइयां
टोके गेको छिपकलियों की एक दुर्लभ प्रजाति हैं जो लुप्त होने की कगार पर हैं. इस छिपकली की अन्तराष्ट्रीय मार्केट में बहुत मांग होती हैं. दरअसल ये लोग इस छिपकली के मांस से विशेष प्रकार की दवाइयां बनाते हैं. ऐसा कहा जाता हैं कि टोके गेको प्रजाति की छिपकली के मांस से बनी दवाई खाने से नपुंसकता, एड्स, डायबिटीज और कैंसर जैसी बीमारियाँ भी ठीक हो जाती हैं. ख़ास तौर पर मर्दाना शक्ति बढ़ाने के लिए इस छिपकली के मांस की काफी डिमांड रहती हैं. मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो इंटरनेशनल मार्केट में इस छिपकली से बनी दवाई की कीमत दस हजार यूरो तक हो सकती हैं.

कहाँ पाई जाती हैं?
यदि आप इस छिपकली को बेच करोड़पति बनने की सोच रहे हैं तो आपको बता दे कि टोके गेको प्रजाति की छिपकली सिर्फ इंडोनेशिया, बांग्लादेश, पूर्वोत्तर भारत, फिलीपींस तथा नेपाल में पाई जाती हैं. लोग इस छिपकली को यहाँ से पकड़ते हैं और फिर दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों जैसे चीन, इंडोनेशिया, फिलीपीन्स इत्यादि में बेच देते हैं.

वैसे यदि आप भी इस छिपकली को ढूंढ झटपट पैसे कमाने का प्लान बना रहे हैं तो सावधान हो जाए. टोके गेको प्रजाति की छिपकली बेचना पूरी तरह से गैरकानूनी हैं. हालाँकि इसके बाद भी कई लोग इसकी अवैध तस्करी करते हैं.

ये भी पढ़ें - कहीं मिले तो छोड़ना मत यह पौधा, है सोने से भी 10 गुना ज्यादा कीमती

Dailyhunt
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Dailyhunt. Publisher: Himachali Khabar Hindi
Top