Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
अग्निवीरों के लिए खुशखबरी, मनचाही मुराद होगी पूरी, तीनों सेनाओं ने भेज दिया प्रस्ताव​

अग्निवीरों के लिए खुशखबरी, मनचाही मुराद होगी पूरी, तीनों सेनाओं ने भेज दिया प्रस्ताव​

Agniveer News: अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए अग्निवीरों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है. चार साल की सेवा पूरी करने के बाद नियमित सैनिक बनने की उम्मीद रखने वाले युवाओं के लिए अब रास्ता आसान हो सकता है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक सेना, नौसेना और वायु सेना ने अग्निवीरों की स्थायी नियुक्ति यानी रिटेंशन का प्रतिशत बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है. फिलहाल नियम के मुताबिक चार साल की सेवा पूरी करने वाले केवल 25 प्रतिशत अग्निवीरों को ही नियमित सेवा में रखा जा सकता है, लेकिन अब इस सीमा को बढ़ाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है.

अखबार ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि नौसेना ने सबसे अधिक 75 प्रतिशत अग्निवीरों को स्थायी सेवा में रखने का सुझाव दिया है. वहीं, सेना और एयरफोर्स ने इस सीमा को मौजूदा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर करीब 50 प्रतिशत करने की इच्छा जताई है. हालांकि अभी तक इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है और वर्तमान नियम के अनुसार तीनों सेनाओं में रिटेंशन की सीमा 25 प्रतिशत ही बनी हुई है.

शुरुआती बैचों का कार्यकाल इस साल पूरा
अग्निपथ योजना के तहत पहली बार भर्ती हुए अग्निवीरों ने साल 2023 की शुरुआत में प्रशिक्षण शुरू किया था. अब इन शुरुआती बैचों का चार साल का कार्यकाल इस वर्ष के अंत तक पूरा होने जा रहा है. मौजूदा व्यवस्था के अनुसार पहले सभी अग्निवीर सेवा से मुक्त होंगे और उसके बाद जो अग्निवीर स्वेच्छा से सेना में बने रहना चाहेंगे, उनमें से मेरिट के आधार पर तय संख्या में जवानों को नियमित सैनिक के रूप में दोबारा नियुक्त किया जाएगा.

बताया जा रहा है कि सेनाओं का मानना है कि पिछले चार वर्षों में अग्निवीरों ने आधुनिक हथियारों, नई तकनीकों और विभिन्न सैन्य अभियानों का पर्याप्त अनुभव हासिल किया है. ऐसे प्रशिक्षित और अनुभवी जवानों को बड़ी संख्या में सेना में बनाए रखना राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य क्षमता के लिहाज से अधिक लाभदायक होगा. इसी कारण रिटेंशन प्रतिशत बढ़ाने की मांग की जा रही है.

सूत्रों के मुताबिक इस प्रस्ताव पर आगे रक्षा मंत्रालय के अधीन सैन्य मामलों के विभाग और तीनों सेनाओं के बीच चर्चा हो सकती है. इसके बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा कि रिटेंशन प्रतिशत बढ़ाया जाए या नहीं. हालांकि, अगर कुल रिटेंशन प्रतिशत बढ़ाने की मंजूरी नहीं मिलती है, तब भी सेनाएं एक वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार कर रही हैं. इसके तहत कुछ विशेष और अत्याधुनिक सैन्य इकाइयों में अनुभवी अग्निवीरों को अधिक संख्या में शामिल किया जा सकता है. यानी कुल मिलाकर 25 प्रतिशत रिटेंशन का नियम बरकरार रहे, लेकिन महत्वपूर्ण यूनिटों में नियमित किए गए अग्निवीरों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक हो सकती है.

'भैरव बटालियन' जैसी विशेष इकाइयों में अधिक संख्या में शामिल होंगे अग्निवीर
उदाहरण के तौर पर सेना की नई बनाई जा रही 'भैरव बटालियन' जैसी विशेष इकाइयों में अनुभवी और नियमित किए गए अग्निवीरों की संख्या सामान्य इन्फैंट्री बटालियनों के मुकाबले ज्यादा रखी जा सकती है. वहीं अन्य यूनिटों में चार साल की सेवा कर रहे अग्निवीरों की संख्या अधिक हो सकती है. जानकारी के अनुसार इससे पहले भी रिटेंशन प्रतिशत बढ़ाने का एक प्रस्ताव सैन्य मामलों के विभाग को भेजा गया था, लेकिन उसे दोबारा समीक्षा के लिए वापस भेज दिया गया था.

उधर, तीनों सेनाओं में अग्निवीरों का प्रशिक्षण लगातार जारी है. पिछले प्रशिक्षण सत्र में केवल सेना के विभिन्न रेजिमेंटल सेंटरों में करीब 70 हजार अग्निवीर प्रशिक्षण ले रहे थे. अगले प्रशिक्षण चक्र में सेना लगभग 90 हजार नई भर्तियां निकालने की तैयारी कर रही है. इसका उद्देश्य सेना में जवानों की कमी को तेजी से पूरा करना भी है. सेना की योजना अगले दो वर्षों में अग्निवीरों की भर्ती का दायरा लगातार बढ़ाने की है, ताकि लगभग 1.8 लाख सैनिकों की कमी को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके. इसी वजह से प्रशिक्षित अग्निवीरों को अधिक संख्या में नियमित सेवा में रखने का प्रस्ताव भी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Himachali Khabar Hindi