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अंगकृष रघुवंशी के 'ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड' मामले में अब MCC ने दी सफाई, बताया क्या अंपायर ने लिया था सही फैसला

अंगकृष रघुवंशी के 'ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड' मामले में अब MCC ने दी सफाई, बताया क्या अंपायर ने लिया था सही फैसला

इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन का 38वां लीग मुकाबला लखनऊ सुपर जाएंट्स और कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम के बीच में 26 अप्रैल को लखनऊ के इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया था, जिसका अंत काफी रोमांचक देखने को मिला था।

इस मैच को केकेआर की टीम ने सुपर ओवर में अपने नाम किया था। वहीं एलएसजी के खिलाफ इस मैच में केकेआर की टीम जब पहले बल्लेबाजी कर रही थी तो उस समय 27 के स्कोर पर उनके खिलाड़ी अंगकृष रघुवंशी को ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड नियम के तहत तीसरे अंपायर ने आउट करार दे दिया, जिसको लेकर उस समय काफी चर्चा भी देखने को मिली थी। वहीं अब थर्ड अंपायर ने फैसला सही लिया था या नहीं इसको लेकर क्रिकेट के नियम बनाने वाली संस्था मेरिलबोन क्रिकेट क्लब यानी एमसीसी का भी जवाब सामने आ गया है।

अंगकृष रघुवंशी के 'ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड' मामले में अब MCC ने दी सफाई, बताया क्या अंपायर ने लिया था सही फैसला

एमसीसी ने थर्ड अंपायर के फैसले को पूरी तरह से सही ठहराया

मेरिलबोन क्रिकेट क्लब ने अंगकृष रघुवंशी को ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड नियम के तहत थर्ड अंपायर को उन्हें आउट दिए जाने के फैसले को पूरी तरह से सही ठहराया है। एमसीसी ने अपनी तरफ से इसको लेकर जारी किए गए बयान में बताया कि बल्लेबाज तभी आउट दिया जा सकता है जब वह जानबूझकर फील्डिंग टीम को बाधित या विचलित करने की कोशिश करें। नियम 37.1.1 के अनुसार अगर कोई बल्लेबाज जानबूझकर शब्द या अपने एक्शन के जरिए से फील्डिंग साइड को बाधित करता है, तो उसे ‘ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड’ नियम के तहत आउट दिया जाएगा। एमसीसी के अनुसार रघुवंशी का आउट होना सही था क्योंकि वह शुरुआत में ऑफ साइड पर दौड़ रहे थे। फिर उन्होंने पिच के बीच में आकर दिशा बदली। इसके बाद लेग साइड की ओर लौटे जिससे वह गेंद और विकेट के बीच आ गए। एमसीसी ने कहा कि पिच को इस तरह पार करना और रास्ता बदलना एक ‘जानबूझकर किया गया काम’ माना जाता है।

अगर साइड नहीं बदलते हो आउट नहीं दिए जाते रघुवंशी

एमसीसी की तरफ से जारी किए गए इस बयान में ये भी बताया गया कि यदि अंगकृष रघुवंशी वापस लौटते समय अपनी साइड को नहीं बदलते और ऑफ साइड की तरफ ही रहते जिसमें इस स्थिति में यदि उन्हें गेंद लगती तो उनको आउट नहीं दिया जाता। जिसमें साफ है कि पिच को जानबूझकर पार करना ही उनकी गलती थी। बता दें कि इस मैच के दौरान जब 5वें ओवर की आखिरी गेंद पर रघुवंशी ने सिंगल रन चुराने की कोशिश की तो उस समय नॉन स्ट्राइक एंड पर खड़े कैमरून ग्रीन ने रन लेने से मना कर दिया था। इसके बाद रघुवंशी ने वापस लौटने के लिए यू टर्न लेते समय अपनी साइड को बदल दिया था और उसी दौरान फील्डर का थ्रो उनको लग गया जिसको लेकर एलएसजी ने आउट की अपील कर दी जिसमें तीसरे अंपायर के पास फैसला जाने के बाद उन्हें ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड नियम के तहत आउट दे दिया गया।

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