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इस मंदिर में जाने से कांपते हैं अच्छे-अच्छे सूरमा! यहां सरेआम की जाती है भूत-प्रेतों की अदालत और झाड़ फूंक​

इस मंदिर में जाने से कांपते हैं अच्छे-अच्छे सूरमा! यहां सरेआम की जाती है भूत-प्रेतों की अदालत और झाड़ फूंक​

मारे देश में आस्था और चमत्कारों के हजारों केंद्र हैं. लेकिन राजस्थान के दौसा जिले में एक ऐसा धाम है, जिसका नाम सुनते ही लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं. हम बात विश्व प्रसिद्ध घाटा मेहंदीपुर बालाजी मंदिर की कर रहे हैं.

ये कोई आम मंदिर नहीं है. यहां भगवान हनुमान अपने बाल रूप में विराजमान हैं. इस जगह को भूत प्रेत और ऊपरी बाधाओं से मुक्ति का सबसे बड़ा दरबार माना जाता है. यहां का नजारा आम मंदिरों से बिल्कुल अलग और डरावना होता है. यहां आने वाले अच्छे अच्छे सूरमाओं और बहादुर लोगों के कलेजे भी कांप जाते हैं.

सरेआम लगती है भूत प्रेतों की अदालत
इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत ये है कि यहां साक्षात भूत प्रेतों की अदालत लगती है. ऐसा माना जाता है कि मंदिर में बालाजी महाराज के साथ साथ भैरव बाबा और प्रेतराज सरकार भी मौजूद हैं.

प्रेतराज सरकार को नकारात्मक शक्तियों को सजा देने वाला न्यायाधीश माना जाता है. जब कोई पीड़ित इंसान यहां आता है, तो उसके भीतर की बुरी आत्मा तड़पने लगती है.

लोग यहां सरेआम चिल्लाते हैं, दीवारों से सिर टकराते हैं और अजीब अजीब हरकतें करते हैं. दुष्ट आत्माएं बालाजी के डर से अपना गुनाह कबूल करती हैं और पीड़ितों को छोड़कर हमेशा के लिए भाग जाती हैं.

चीख पुकार और बेड़ियों से बंधे लोग
मंदिर के भीतर कदम रखते ही आपको एक अलग ही दुनिया का अहसास होगा. यहां आपको चारों तरफ से लोगों के रोने, चीखने और चिल्लाने की आवाजें सुनाई देंगी. कई लोग तो इतने हिंसक हो जाते हैं कि उन्हें भारी भारी लोहे की बेड़ियों और जंजीरों से बांधकर रखना पड़ता है. विज्ञान भले ही इसे मानसिक बीमारी कहे, लेकिन यहां का नजारा देखकर कोई भी अंधविश्वास और सच के बीच का फर्क भूल जाएगा. यहां किसी तांत्रिक की तरह झाड़ फूंक नहीं होती, बल्कि बालाजी के नाम का सिमरन और वहां की पवित्र भस्म ही बड़ी से बड़ी बला को टाल देती है.

प्रसाद और पानी घर ले जाने पर सख्त मनाही
मेहंदीपुर बालाजी मंदिर के कुछ बेहद कड़े और अजीब नियम हैं, जिनका पालन हर दर्शनार्थी को करना पड़ता है. यहां मिलने वाले प्रसाद को दरखास्त और मर्जी कहा जाता है. नियम के मुताबिक, आप यहां का कोई भी प्रसाद या खाने पीने की चीज घर नहीं ले जा सकते. यहां तक कि आपको अपनी पानी की बोतल का बचा हुआ पानी भी मंदिर परिसर में ही छोड़ना होता है. माना जाता है कि अगर आप यहां की कोई भी चीज अपने साथ वापस ले जाते हैं, तो उसके साथ नकारात्मक शक्तियां और भूत प्रेत भी आपके पीछे पीछे आपके घर तक पहुंच सकते हैं.

दर्शन के बाद पीछे मुड़कर देखना है वर्जित
इस चमत्कारी दरबार का एक और खौफनाक नियम यह है कि मंदिर से बाहर निकलते समय आपको भूलकर भी पीछे मुड़कर नहीं देखना है. चाहे पीछे से कितनी भी जोर की आवाज आए या कोई आपको पुकारे, आपको सीधे आगे बढ़ते जाना है. माना जाता है कि पीछे मुड़कर देखने से छूटकर भागी हुई बुरी आत्माएं दोबारा आपके ऊपर हावी हो सकती हैं. सालों से लाखों लोग इस दरबार में अपनी अर्जी लेकर आते हैं. जिन लोगों का इलाज बड़े बड़े डॉक्टर और अस्पताल नहीं कर पाते, उन्हें बालाजी महाराज की कृपा से यहां आकर नई जिंदगी और मानसिक शांति मिल जाती है.

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