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क्या अडानी की नई पारी हिला पाएगी बिड़ला और अग्रवाल का एल्युमीनियम साम्राज्य?​

क्या अडानी की नई पारी हिला पाएगी बिड़ला और अग्रवाल का एल्युमीनियम साम्राज्य?​

भारतीय औद्योगिक जगत में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। एशिया के सबसे रईस व्यक्तियों में शामिल गौतम अडानी ने एल्युमीनियम उत्पादन के क्षेत्र में उतरने का आधिकारिक ऐलान किया है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए अडानी ग्रुप ने अबू धाबी के इन्वेस्टमेंट ग्रुप IHC के साथ 11.5 अरब डॉलर का एक विशाल वेंचर तैयार किया है। इस कदम से भारत के एल्युमीनियम बाजार में लंबे समय से बना वेदांता ग्रुप और आदित्य बिड़ला ग्रुप की कंपनी हिंडाल्को इंडस्ट्रीज का दबदबा प्रभावित हो सकता है। वर्तमान में देश के घरेलू एल्युमीनियम उत्पादन में इन दोनों कंपनियों की संयुक्त हिस्सेदारी करीब 90 प्रतिशत है।

भारत विश्व में चीन के बाद एल्युमीनियम का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है, इसके बावजूद घरेलू मांग को पूरा करने के लिए बड़ी मात्रा में आयात पर निर्भर रहना पड़ता है। बीते साल भारत में कुल उत्पादन 4.2 मिलियन टन दर्ज किया गया, जबकि देश में कुल खपत 5.5 मिलियन टन रही। प्रति व्यक्ति एल्युमीनियम की खपत के मामले में भारत अभी भी वैश्विक औसत से पीछे है। भारत में प्रति व्यक्ति खपत 3.4 से 3.9 किलोग्राम है, जबकि वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा 8 से 12 किलोग्राम के बीच है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वर्ष 2047 तक भारत में एल्युमीनियम की वार्षिक खपत 28 मिलियन टन के स्तर तक पहुंच सकती है।

अडानी और IHC की योजना ओडिशा में 2 मिलियन टन से अधिक वार्षिक क्षमता वाला एक आधुनिक एल्युमीनियम स्मेल्टर स्थापित करने की है। इस प्रोजेक्ट के पांच साल के भीतर परिचालन शुरू होने की संभावना है, जिससे भारत की मौजूदा एल्युमीनियम उत्पादन क्षमता में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि होगी। अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन के मैनेजिंग डायरेक्टर करण अडानी के अनुसार, देश में तेजी से बढ़ते डिजिटाइजेशन, मैन्युफैक्चरिंग और क्लीन एनर्जी मार्केट के कारण एल्युमीनियम की मांग में अभूतपूर्व उछाल आने की उम्मीद है, जिसे समूह एक बड़े लॉन्गटर्म अवसर के रूप में देख रहा है।

इस परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा, जिसके लिए कुल 1.10 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इसमें पहले चरण के लिए 66,000 करोड़ रुपये और दूसरे चरण के लिए 44,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस प्लांट में अडानी एंटरप्राइजेज और IHC की सब्सिडियरी IRH की समान हिस्सेदारी होगी और प्रोजेक्ट का 70 प्रतिशत फंड कर्ज के जरिए जुटाया जाएगा। स्मेल्टर के अतिरिक्त, इस पूरे प्रोजेक्ट में 4 मिलियन टन की एल्युमिना रिफाइनरी, 4 गीगावॉट का कैप्टिव पावर प्लांट और 1 मिलियन टन की क्षमता वाला डाउनस्ट्रीम एल्युमीनियम पार्क शामिल है। यह पहल न केवल भारत की आयात निर्भरता को कम करने में सहायक होगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर एल्युमीनियम उत्पादन में भारत की भूमिका को भी और सशक्त बनाएगी।

Meta Description: गौतम अडानी का ग्रुप एल्युमीनियम सेक्टर में 11.5 अरब डॉलर के निवेश के साथ प्रवेश कर रहा है, जिससे वेदांता और हिंडाल्को के प्रभुत्व को चुनौती मिलेगी। ओडिशा में प्रस्तावित इस प्लांट से भारत की एल्युमीनियम उत्पादन क्षमता में 50 फीसदी का इजाफा होगा और आयात पर निर्भरता कम होगी।

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