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सांप की हड्डीयों से बनी माला से जप करने पर मिलता है ये खास लाभ, अघोरी और साधू करते हैं इस्तेमाल

सांप की हड्डीयों से बनी माला से जप करने पर मिलता है ये खास लाभ, अघोरी और साधू करते हैं इस्तेमाल

हिंदू धर्म में मालाओं का बहुत महत्व होता है। जब भी कोई पूजा पाठ की जाती है तो माला का इस्तेमाल अवश्य होता है। कई लोग सुबह शाम माला भी जपते हैं। ऐसा करने से कई तरह के लाभ मिलते हैं।

आपको कौन सा लाभ हासिल होगा यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप किस तरह की माला जप रहे हैं।

सर्प की हड्डी की माला

सांप की हड्डी से बनी माला के बारे में आप में से बहुत कम लोगों ने ही सुना होगा। दरअसल ऐसी मालाओं का इस्तेमाल अधिकतर साधु संत और अघोरी बाबा लोग करते हैं। इस तरह की माला का उपयोग तांत्रिक तंत्रमंत्र, टोटकों और साधना में किया जाता है। इसका उपयोग कर मनचाहा फल प्राप्त होता है। ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। चलिए अब आपको अन्य मालाओं के लाभ बताते हैं।

कमलगट्टे की माला

इस माला को धारण करने से शत्रुओं का नाश होता है। दुश्मन आपका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। इस माला का जाप करने से मां लक्ष्मी भी प्रसन्न होती है। इससे धन संबंधित समस्याएं नहीं आती है। इसके अलावा आपके सभी बिगड़े कार्य भी बनने लगते हैं।

तुलसी की माला

विष्‍णुजी को प्रसन्‍न करने के लिए तुलसी की माला का जाप किया जाता है। इससे मन में वैराग्‍य उत्पन्न होता है। यही वजह है कि गृहस्‍थी वाले लोगों को इसे जपने से बचना चाहिए। पद्म पुराण की माने तो तुलसी की माला धारण कर भोजन ग्रहण करना अश्‍वमेघ यज्ञ के फल के बराबर होता है। कुछ लोग ये भी मानते हैं कि मौत के समय यदि आपके गले में तुलसी की माला हो तो मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसके अलावा तुलसी की माला धारण कर तीर्थ दर्शन करने से सभी तीर्थों का पूर्ण लाभ मिलता है।

रुद्राक्ष की माला

रुद्राक्ष भगवान शिव का ही एक अंश माना जाता है। कहते हैं इसकी उतप्प्ति भी उन्ही में से हुई थी। इसलिए भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए इस माला का जाप करना उचित होता है। इससे दुख दर्द दूर होते हैं।

स्‍फटिक की माला

तांत्रिक सिद्धियों को हासिल करने के लिए स्‍फटिक की माला का इस्तेमाल किया जाता है। गृहस्‍थ लोगों को इसका उपयोग करने से बचना चाहिए।

सामान्य तौर पर आप किसी भी माला का जाप करते हैं तो साथ में मंत्रों का उच्चारण भी करते हैं। कहा जाता है कि माला जपते हुए मंत्रों का उच्चारण करने से आपको गले संबंधित कोई भी रोग नहीं होता है। इसलिए अपने उद्देश्य के अनुसार आप ऊपर बताई गई किसी भी माला का जाप कर सकते हैं।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Himachali Khabar Hindi