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नेपाल में बाढ़ से मची तबाही, एक हजार लोग बहे, 31 की मौत, 100 से अधिक भारतीय पर्यटक लापता, तिब्बत के भूकंप का असर

नेपाल में बाढ़ से मची तबाही, एक हजार लोग बहे, 31 की मौत, 100 से अधिक भारतीय पर्यटक लापता, तिब्बत के भूकंप का असर

Nepal Floods : तिब्बत से आई अचानक बाढ़ ने नेपाल के रसुवा जिले में भारी नुकसान पहुंचाया है। भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से टिमुरे और स्याब्रुबेसी इलाकों में कई घर क्षतिग्रस्त हो गए।

बाढ़ की तेज धार में एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट भी बह गया। अचानक आई बाढ़ में कम से कम 1000 लोग बह गए हैं। वहीं 30 पुलिसकर्मी भी लापता बताए जा रहे हैं।

भारतीय नागरिकों की मदद एंव जानकारी के लिए काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने आपातकालीन नंबर जारी किए हैं। प्रभावित लोग +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 पर संपर्क कर सकते हैं। नेपाल टूरिज्म बोर्ड ने भी मदद के लिए टोल-फ्री नंबर 1234, हॉटलाइन 1144 और टूरिस्ट पुलिस नंबर 9851289445 जारी किया है।

नेपाल के पर्यटन विभाग के मुताबिक, कुल 384 लोगों का पता नहीं चल पाया है। इनमें 291 विदेशी नागरिक शामिल हैं। लापता लोगों में 105 भारतीय नागरिक भी बताए जा रहे हैं। इनमें से कई भारतीय कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए तिब्बत की ओर जा रहे थे।

प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान चला रही हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

उत्तरी नेपाल में बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ ने सीमावर्ती इलाकों में भारी तबाही मचा दी। रसुवा जिले में भोटे कोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से कई बस्तियां प्रभावित हुईं। इस घटना में अभी तक 30 से अधिक लोगों की मौत की जानकारी है, जबकि कम से कम 25 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है। निचले इलाकों के कई जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है।

अधिकारियों के मुताबिक, स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 9 बजे भोटे कोशी नदी में अचानक बाढ़ आ गई। बताया जा रहा है कि नदी में पानी तिब्बत की ओर से आया। अचानक जलस्तर बढ़ने से रसुवा के तिमुरे और आसपास के स्याफ्रुबेसी इलाके में भारी नुकसान हुआ। कई वाहन, सामान और दूसरी संपत्तियां पानी में बह गईं।

नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने रसुवा के अलावा नुवाकोट, धादिंग, चितवन और गोरखा में नदी किनारे रहने वाले लोगों से अगले आदेश तक बेहद सतर्क रहने और जरूरी सुरक्षा उपाय करने की अपील की है।

बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवानों को प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया है। सेना ने त्रिशूली नदी के आसपास खोज और बचाव अभियान के लिए दो हेलीकॉप्टर भी भेजे हैं। इनमें चिकित्सा बचाव दल से लैस एमआई-17 हेलीकॉप्टर भी शामिल है।

अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ से हुए नुकसान का पूरा आकलन अभी नहीं हो पाया है और आंकड़े जुटाने का काम जारी है। खास बात यह है कि ठीक एक साल पहले भी भोटेकोशी में आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई थी, जिसमें रसुवा में कम से कम 10 लोगों की मौत हुई थी। जल विज्ञान एवं मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, इस बार की बाढ़ रसुवा में हुई बारिश के कारण नहीं आई।

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