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नेपाल-चीन में तबाही का खौफनाक मंजर, 1500 के करीब लोग लापता, विदेशी पर्यटक भी शामिल, 175 मौतें

नेपाल-चीन में तबाही का खौफनाक मंजर, 1500 के करीब लोग लापता, विदेशी पर्यटक भी शामिल, 175 मौतें

Nepal China Flood : नेपाल और चीन की सीमा से लगे हिमालयी इलाकों में आई विनाशकारी बाढ़ ने तबाही का ऐसा मंजर छोड़ा है, जिसकी पूरी तस्वीर अभी सामने आना बाकी है. दोनों देशों में करीब 1500 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है.

तिब्बत में 588 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जबकि नेपाल में 800 से अधिक लोगों का संपर्क टूट गया है.

नेपाल के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार अचानक आई बाढ़ के बाद 826 लोग अब तक संपर्क से बाहर हैं. इनमें 579 पर्यटक शामिल हैं. लापता लोगों में नेपाली सुरक्षा बलों के 85 जवान और अलग-अलग हाइड्रो पावर परियोजनाओं में काम करने वाले 162 कर्मचारी भी हैं.

नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, नेपाल सेना के 44 जवान, नेपाल पुलिस के 28 जवान और सशस्त्र पुलिस बल के 13 जवानों से भी संपर्क नहीं हो पाया है. विदेश मंत्रालय ने 300 से ज्यादा भारतीयों के लापता होने की पुष्टि की है.

वहीं, तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने रसुवा और तिब्बत के कीरोंग में हुई जनहानि पर गहरा दुख जताया, उन्होंने पीड़ितों और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में ऐसी आपदाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे. बाढ़ तिब्बती क्षेत्र से होते हुए सीमा पार भोटेकोशी नदी तक पहुंची और नेपाल में भारी नुकसान हुआ.

इस आपदा को लेकर एक अहम तथ्य भी सामने आया है. यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार नेपाल में तबाही के पीछे भूकंप नहीं था. शुरुआती तौर पर माना जा रहा था कि भूकंप के कारण ग्लेशियर टूटा और उसके बाद अचानक बाढ़ आई.

बाद की जानकारी के मुताबिक ग्लेशियर टूटने से भूकंप जैसे झटके महसूस हुए थे. इससे पैदा हुई भूकंपीय कंपन की तीव्रता 5.2 मापी गई. अब राहत और बचाव के साथ लापता लोगों की तलाश सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है.

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