Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
मंत्री सिरसा ने की 'डस्ट पोर्टल 2.0' की समीक्षा, जल्द होगा लॉन्च

मंत्री सिरसा ने की 'डस्ट पोर्टल 2.0' की समीक्षा, जल्द होगा लॉन्च

ई दिल्ली, 29 मई (हि.स.)। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने शुक्रवार को डस्ट पोर्टल 2.0 की प्रगति की समीक्षा की। यह पोर्टल दिल्ली प्रदूषण कंट्रोल कमेटी (डीपीसीसी) का एक एडवांस्ड एआई-सक्षम पर्यावरण मॉनिटरिंग और कंप्लायंस प्लेटफ़ॉर्म है, जिसे दिल्ली की धूल प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के लिए डिजाइन किया गया है।

इसके आने वाले हफ़्ते तक लॉन्च किए जाने की संभावना है।

बैठक के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने पोर्टल की मुख्य विशेषताओं और उसके काम करने के तरीके के बारे में विस्तार से जानकारी दी। यह पोर्टल दिल्ली के सभी क्षेत्रों में निर्माण से जुड़ी गतिविधियों और पर्यावरण से जुड़े नियमों के पालन पर नजर रखने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रियल-टाइम विश्लेषण, स्वचालित मूल्यांकन, एआई-पावर्ड कैमरे, पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) सेंसर और डिजिटल गवर्नेंस टूल्स का इस्तेमाल करेगा। यह पोर्ट अधिक डेंसिटी वाले ग्रीन एंटी-डस्ट नेट और एंटी-स्मॉग गन जैसी पर्यावरण को नियंत्रित करने वाले उपायों की निगरानी करने में सहायक साबित होगा। अगर प्रदूषण के स्तर में तय मानकों से अधिक कोई भी बदलाव होता है, तो स्वतः अलर्ट जारी हो जाएंगे, जिससे समय पर प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक उपाय किए जा सकेंगे।

मंत्री सिरसा ने कहा कि दिल्ली के लोगों के लिए स्वच्छ हवा और बच्चों के लिए एक स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सभी मौजूदा सिस्टम और प्रक्रियाओं को और अधिक मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डस्ट पोर्टल 2.0 दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने का एक सशक्त माध्यम साबित होगा।

मंत्री सिरसा ने कहा कि हमारा मकसद सिर्फ़ डेटा इकट्ठा करना नहीं, बल्कि जिम्मेदारी तय करना है। हर कंस्ट्रक्शन साइट को धूल कंट्रोल के नियमों का पालन करना होगा, और टेक्नोलॉजी हमें रियल-टाइम में नियमों के उल्लंघन की पहचान करने में मदद करेगी। दिल्ली में डेवलपमेंट के काम लोगों की सेहत की कीमत पर नहीं हो सकते। डस्ट पोर्टल 2.0 पारदर्शिता, जवाबदेही और लापरवाही के ख़िलाफ़ तुरंत कार्रवाई को सुनिश्चित करेगा। उन्होंने बताया कि डस्ट पोर्टल 2.0 की प्रमुख विशेषताओं में क्यूआर कोड आधारित साइट मॉनिटरिंग सिस्टम शामिल है, जिसके तहत प्रत्येक पंजीकृत निर्माण स्थल को एक विशिष्ट क्यूआर कोड प्रदान किया जाएगा। अधिकारी इस कोड को स्कैन करके साइट की जानकारी, नियमों के पालन रिकॉर्ड, ऑडिट रिपोर्ट और पर्यावरण संबंधी डेटा को तुरंत देख सकेंगे, जिससे निरीक्षण की गुणवत्ता और पारदर्शिता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Hindusthan Samachar Hindi