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तालाब के साथ मछली पालन और जलीय खेती से किसान कर सकेंगे दोहरी आमदनी : आर.पी. कुशवाहा

तालाब के साथ मछली पालन और जलीय खेती से किसान कर सकेंगे दोहरी आमदनी : आर.पी. कुशवाहा

-योगी सरकार की खेत तालाब योजना से सिंचाई की टेंशन खत्म, कमाई होगी डबल

-उत्तर प्रदेश के किसानों को तालाब बनाने के लिए मिलेगा 52,500 रुपये तक का भारी अनुदान

-पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर चयन, कानपुर नगर के लिए लक्ष्य निर्धारित

कानपुर, 25 अप्रैल (हि.स.)। खेत तालाब योजना किसानों के लिए खुशहाली का नया द्वार है। इससे न केवल वर्षा जल का संचयन होगा और भूगर्भ जल स्तर में सुधार आएगा, बल्कि किसान इस तालाब में मछली पालन, सिंघाड़ा और मखाना जैसी जलीय खेती करके अतिरिक्त मुनाफा भी कमा सकते हैं। यह योजना गाँवों में रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी और किसानों को सिंचाई के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यह बातें शनिवार को भूमि संरक्षण अधिकारी आर.पी. कुशवाहा ने कही।

उत्तर प्रदेश में जल संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाने के लिए संचालित 'खेत तालाब योजना' को योगी सरकार नए वित्तीय वर्ष में और अधिक मजबूती से आगे बढ़ा रही है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' (प्रति बूंद अधिक फसल) के संकल्प को हर खेत तक पहुंचाया जाए। इसी कड़ी में, जनपद कानपुर नगर के लिए वर्ष 2026-27 के लक्ष्य निर्धारित कर दिए गए हैं, जिसके तहत पात्र किसानों को तालाब निर्माण पर लागत का 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है।

यह योजना किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है, जिससे न केवल सिंचाई की समस्या हल हुई है, बल्कि किसानों ने मछली पालन और जलीय खेती के जरिए अपनी कमाई के अतिरिक्त स्रोत भी विकसित किए हैं।

क्या है योजना और कितनी मिलेगी सब्सिडी?

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत संचालित इस योजना में किसानों को अपने खेत में तालाब बनाने के लिए लागत का 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। एक मानक लघु तालाब (22 मीटर लंबा, 20 मीटर चौड़ा और तीन मीटर गहरा) बनाने की कुल लागत 1.05 लाख रुपये तय की गई है। इसमें सरकार की ओर से 52,500 रुपये की आर्थिक मदद सीधे किसान के बैंक खाते में भेजी जाएगी।

यह अनुदान दो चरणों में मिलेगा

1. पहली किस्त: तालाब की खुदाई का काम पूरा होने पर।

2. दूसरी किस्त: पानी आने का रास्ता (इनलेट) और डिस्प्ले बोर्ड लगने के बाद।

सिंचाई के लिए आधुनिक इंतजाम और अतिरिक्त लाभ

सरकार केवल तालाब बनाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उस पानी के सही इस्तेमाल के लिए भी भारी छूट दे रही है। तालाब के साथ सिंचाई के लिए ड्रिप या स्प्रिंकलर सिस्टम (टपक सिंचाई) लगाना अनिवार्य है, जिस पर सरकार 80 से 90 प्रतिशत तक की भारी सब्सिडी दे रही है। इतना ही नहीं, पानी निकालने के लिए पंपसेट खरीदने पर भी 50 प्रतिशत (अधिकतम 15 हजार रुपये) की मदद दी जाएगी।

आवेदन की प्रक्रिया और शर्तें

वर्ष 2026-27 के लिए कानपुर नगर को 14 तालाबों का लक्ष्य मिला है। इसमें सामान्य वर्ग के लिए 10 और अनुसूचित जाति के लिए 4 तालाबों का कोटा तय किया गया है।

इन बातों का रखें ध्यान

• जरूरी दस्तावेज: आवेदन के लिए किसान की 'फार्मर रजिस्ट्री' होना अनिवार्य है।

• टोकन मनी: ऑनलाइन आवेदन के साथ 1000 रुपये की टोकन राशि जमा करनी होगी।

• वेबसाइट: इच्छुक किसान कृषि विभाग के पोर्टल https://agridarshan.up.gov.in पर जाकर ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं।

• समय सीमा: बुकिंग के 15 दिन के भीतर सत्यापन होगा और 30 दिन के भीतर तालाब तैयार करना होगा।

अधिक जानकारी के लिए किसान भूमि संरक्षण अधिकारी कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं या मोबाइल नंबर 9140672262 पर कॉल कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

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