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आतंकवाद पर सख्त और धार्मिक स्वतंत्रता के पक्षधर हैं मोदी : ट्रम्प

- ट्रम्प ने भारत में मुस्लिम और ईसाई समुदाय के संदर्भ में धार्मिक स्वतंत्रता का मामला उठाया

- मोदी सीमापार आतंकवाद से निपटने में सक्षम, अन्य देशों भी आतंक पर निभाएं सक्रिय भूमिका

- सीएए भारत का आंतरिक मामला, सरकार लोगों के हित में उचित फैसला करेगी

- ट्रम्प ने कहा, कश्मीर मुद्दे पर अमेरिका मध्यस्थता के लिए तैयार


अजीत पाठक

नई दिल्ली, 25 फरवरी (हि.स.)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत में धार्मिक स्वतंत्रता के प्रबल समर्थक हैं और आतंकवाद के खिलाफ उनका रवैया बहुत सख्त है। ट्रम्प ने अपनी भारत यात्रा पूरी करने से पहले मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि उन्होंने भारतीय नेता के साथ अपनी बातचीत के दौरान भारत में मुस्लिम और ईसाई समुदाय के संदर्भ में धार्मिक स्वतंत्रता का मामला उठाया। मोदी ने बहुत ही प्रभावशाली तरीके से उन्हें आश्वस्त किया कि धार्मिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी उपाय किए गए हैं।


नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के बारे में उन्होंने कहा कि यह भारत का आंतरिक मामला है तथा भारत सरकार लोगों के हित में उचित फैसला करेगी। उन्होंने कहा कि मोदी से वार्ता के दौरान सीएए का विषय नहीं आया लेकिन उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता का मामला अवश्य उठाया। इस पर मोदी ने बहुत आश्वस्त करने वाला उत्तर दिया। ट्रम्प ने कहा कि मोदी ने उन्हें बताया कि भारत में मुसलमानों की जनसंख्या 20 करोड़ है तथा उनकी सरकार धार्मिक स्वतंत्रता की पक्षधर है।


सीमापार आतंकवाद के बारे में पूछे जाने पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि आतंकवाद से लड़ना मोदी अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता मानते हैं। आतंकवाद के बारे में उनका रवैया बहुत सख्त है तथा वह सीमापार आतंकवाद से निपटने में सक्षम हैं। पश्चिमी एशिया और आसपास के क्षेत्रों में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अमेरिका तो तीन हजार मील दूर स्थित है। इस खतरे से निपटने के लिए अन्य देशों को भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।


कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता की पेशकश फिर दोहराते हुए ट्रम्प ने कहा कि यह समस्या काफी समय से बनी हुई है तथा इसके दो अलग-अलग पहलू हैं। अमेरिका इसके समाधान के लिए भारत और पाकिस्तान के नेताओं से संपर्क में है तथा मध्यस्थता के लिए तैयार है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने नागरिकता कानून को लेकर हुई दिल्ली की हिंसा पर कोई टिप्पणी नहीं की। अमेरिका में मुस्लिम समुदाय के लोगों को देश में प्रवेश से रोके जाने को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में ट्रम्प ने कहा कि देश की आव्रजन नीति धर्म विशेष पर आधारित नहीं है, जो नीति अपनाई जा रही है उसे न्यायालय ने सही ठहराया है।


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