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चालू वित्त वर्ष में फिजिक्सवाला की आय में 30 प्रतिशत से अधिक वृद्धि का लक्ष्य

चालू वित्त वर्ष में फिजिक्सवाला की आय में 30 प्रतिशत से अधिक वृद्धि का लक्ष्य

IBC24 4 months ago

नयी दिल्ली, 31 मई (भाषा) शिक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी फिजिक्सवाला को चालू वित्त वर्ष के दौरान अपनी आय में 30 प्रतिशत से अधिक वृद्धि होने की उम्मीद है। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि कंपनी परिचालन खर्च कम करने के लिए कृत्रिम मेधा (एआई) का अधिक उपयोग करने की भी योजना बना रही है।

फिजिक्सवाला ने हाल ही में बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में उसका एकीकृत घाटा घटकर 69.14 करोड़ रुपये रह गया, जो 2024-25 की समान तिमाही में 289.27 करोड़ रुपये था। छात्र पंजीकरण बढ़ने और प्रति छात्र औसत आय में वृद्धि से घाटे में कमी आई।

फिजिक्सवाला के सह-संस्थापक प्रतीक माहेश्वरी ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ''आय के मामले में हमारी वृद्धि दर 30 प्रतिशत से अधिक रहेगी। वर्तमान में प्रबंधन का पूरा ध्यान एआई के माध्यम से आय अर्जित करने पर केंद्रित है क्योंकि शिक्षा ऐसा क्षेत्र है जहां एआई का सीधा प्रभाव पड़ता है। दोहराए जाने वाले कार्यों में एआई के प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और लागत भी काफी घटी है।''

फिजिक्सवाला (पीडब्ल्यू) की परिचालन आय वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में लगभग 51 प्रतिशत बढ़कर 918.8 करोड़ रुपये हो गई, जो एक वर्ष पहले की समान तिमाही में 609.6 करोड़ रुपये थी।

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का घाटा घटकर 24.17 करोड़ रुपये रह गया, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह 243.26 करोड़ रुपये था।

माहेश्वरी ने कहा, ''छात्र पंजीकरण में 20 प्रतिशत और प्रति छात्र औसत आय में 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिससे कुल राजस्व में 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।’

उन्होंने कहा कि शुद्ध लाभ के स्तर पर कंपनी के प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

माहेश्वरी ने कहा, ''वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का शुद्ध घाटा 200 करोड़ रुपये से अधिक था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में घटकर करीब 24 करोड़ रुपये रह गया। कुल मिलाकर यह हमारे लिए संतोषजनक प्रदर्शन है।''

माहेश्वरी ने कहा कि कंपनी ने कर्मचारियों की लागत घटाने के लिए अभी एआई का बहुत अधिक उपयोग नहीं किया है, लेकिन चालू वित्त वर्ष में इस क्षेत्र पर विशेष ध्यान रहेगा।

उन्होंने कहा, ‘हम छात्रों की शंकाओं (डाउट्स) को दूर करने के लिए पहले से ही एआई का उपयोग कर रहे हैं। छात्रों की 90 प्रतिशत शंकाओं का समाधान एआई के माध्यम से किया जा रहा है। इसके अलावा 20 लाख से अधिक वर्णनात्मक उत्तर-पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 90 प्रतिशत से अधिक सटीकता के साथ एआई द्वारा किया गया है।''

भाषा यासिर योगेश अविनाश

अविनाश

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