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केरल में भारी बारिश से बाढ़ और भूस्खलन, चार लोगों की मौत

केरल में भारी बारिश से बाढ़ और भूस्खलन, चार लोगों की मौत

IBC24 1 week ago

डुक्की/कोट्टायम (केरल), एक अगस्त (भाषा) केरल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं के बीच शनिवार को इडुक्की और कोट्टायम जिलों में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई तथा कई अन्य लोगों को बचाया गया।

अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

प्रशासन के अनुसार, मृतकों में इडुक्की जिले के कुडयाथूर के निकट अडूरमाला क्षेत्र की रहने वाली सुमति शामिल हैं। शनिवार तड़के हुए भूस्खलन का मलबा उनके घर पर आ गिरा, जिससे उनकी मौत हो गई।

पड़ोसियों ने उसके पति रवि और बेटे रथीश को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। दोनों को चोटें आयीं और उन्हें थोडुपुझा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन में उनका मकान पूरी तरह तबाह हो गया।

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), अग्निशमन एवं बचाव सेवा, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम के तलाशी अभियान के बाद सुमति का शव बरामद किया गया।

कोट्टायम जिले के पूनजार के पय्यानिथोट्टम क्षेत्र में हुए भूस्खलन में एक युवक की मौत हो गई और उसकी मां की मलबे में दबने से मौत हो गयी।

अधिकारियों के अनुसार, मृतकों की पहचान जोसेफ (24) और उसकी मां रेजिना जॉनी (46) के रूप में की गयी है।

अधिकारियों ने बताया कि जोसेफ को मलबे से निकाल लिया गया था, लेकिन अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। रेजिना का शव सुबह करीब साढ़े 10 बजे बरामद किया गया।

एक अन्य घटना में, इडुक्की जिले के वागामोन क्षेत्र में भूस्खलन की चपेट में आने से प्रभाकरन नायर (77) नामक व्यक्ति की मौत हो गई।

अधिकारियों ने बताया कि कोट्टायम जिले के वाइकोम निवासी नायर अपने एक रिश्तेदार के घर के एक शयनकक्ष में सो रहे थे, तभी भूस्खलन हुआ।

उन्होंने बताया कि कई घंटे तक चले तलाशी अभियान के बाद उनका शव बरामद किया गया।

इडुक्की जिले के कई हिस्सों में भूस्खलन और बाढ़ की सूचना मिली।

इस बीच, केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार बारिश से उत्पन्न आपात स्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि राज्य के विभिन्न हिस्सों से भूस्खलन और मिट्टी धंसने की घटनाओं की सूचना मिलने के बाद उन्होंने राजस्व मंत्री, मुख्य सचिव और सभी जिलाधिकारियों से बात की।

उन्होंने बताया कि राजस्व मंत्री आपदा प्रबंधन कार्यों का समन्वय करेंगे और स्थिति की समीक्षा के लिए सभी जिलाधिकारियों की बैठक भी बुलाई है।

सतीशन ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), पुलिस और अन्य आपातकालीन एजेंसियों की टीमें किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार ने घायलों को सर्वोत्तम संभव चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया में तेजी लाने का भी निर्णय लिया है।

वहीं, उप्पुथारा में भूस्खलन के कारण सड़क किनारे खड़ी पुलिस की एक जीप क्षतिग्रस्त हो गई।

अधिकारियों ने बताया कि पुल्लाकयार नदी के उफान पर होने से कोक्कायार का निचला पुल जलमग्न हो गया। आसपास के लगभग छह मकानों में पानी भर गया, जिसके बाद प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

अधिकारियों ने बताया कि जिले के विभिन्न हिस्सों से कई अन्य भूस्खलनों की भी खबरें मिली हैं। भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ है।

कट्टप्पना-वाझवारा मार्ग भूस्खलन के कारण बंद हो गया, जबकि वंदीपेरियार में छोट्टुपारा नाले का जलस्तर बढ़ने से राष्ट्रीय राजमार्ग-183 पर जलभराव हो गया। नेल्लिमाला मार्ग भी बंद होने से वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई।

जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर जिले के छोटे बांधों के गेट खोलने की घोषणा की है।

पड़ोसी कोट्टायम जिले में भी भारी बारिश के कारण इरट्टुपेट्टा, कंजीरापल्ली, कूट्टिकल और एरुमेली क्षेत्रों में व्यापक बाढ़ आ गई। कई रिहायशी इलाके जलमग्न हो गए, यातायात बाधित हुआ और बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाना पड़ा।

अधिकारियों ने बताया कि टीकोय गांव में भूस्खलन के बाद चार मकान क्षतिग्रस्त हो गए, लेकिन उसमें रहने वाले लोग सुरक्षित बच निकले।

इरट्टुपेट्टा शहर में रातोंरात जलस्तर तेजी से बढ़ गया, जिससे प्रशासन को वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी। नडक्कल और मुरिक्कोली सहित कई इलाकों में घरों में पानी भर गया।

स्थानीय लोगों की मदद से बचावकर्मियों ने घरों की ऊपरी मंजिलों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में यातायात पूरी तरह बाधित रहा।

पथनमथिट्टा जिले के पहाड़ी क्षेत्रों से भी कई भूस्खलनों की खबरें मिली हैं।

रन्नी के विधायक पझाकुलम मधु ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि रन्नी और आसपास के क्षेत्रों में भीषण बाढ़ की स्थिति है। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है और बाढ़ का पानी कई घरों और दुकानों में घुस चुका है।

अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश और भूस्खलन के कारण पंपा नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि हुई।

उन्होंने बताया कि पथनमथिट्टा ज़िले में भी राहत शिविर लगाए गए हैं।

मध्य केरल के अलावा कोल्लम जिले के पहाड़ी इलाकों में भी भारी बारिश दर्ज की गई।

इसके अलावा कोझिकोड, मलप्पुरम, कन्नूर और पलक्कड जिलों में बाढ़ और छोटे पैमाने पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं।

भारी बारिश के बाद नदी का पानी उफान पर आने से कोझिकोड का एंगापुझा कस्बा पूरी तरह जलमग्न हो गया।

वायनाड घाट मार्ग पर भूस्खलन की आशंका को देखते हुए यातायात को नियंत्रित किया गया है।

वहीं, मलप्पुरम जिले में चार वर्षीय बच्चे की एक जलाशय में गिरने से मौत हो गई।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने केरल के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है। इसके मद्देनजर प्रशासन ने बचाव दलों को अलर्ट पर रखा है और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

आईएमडी ने पथनमथिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है, जबकि एर्णाकुलम, त्रिशूर और पलक्कड़ जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' घोषित किया गया है।

भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए कई जिलों में प्रशासन ने स्कूलों में शनिवार को अवकाश घोषित कर दिया है।

भाषा

गोला रंजन

रंजन

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: IBC24