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नॉर्थ, साउथ ब्लॉक को संग्रहालय में तब्दील करने के लिए विशेषज्ञ समूह का चयन किया गया: शेखावत

नॉर्थ, साउथ ब्लॉक को संग्रहालय में तब्दील करने के लिए विशेषज्ञ समूह का चयन किया गया: शेखावत

IBC24 4 months ago

(कुणाल दत्त)

नयी दिल्ली, 31 मई (भाषा) केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा है कि नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक को उनके मूल स्वरूप में बहाल करने का काम शुरू हो गया है तथा इसके बाद इन्हें 'युगे युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय' में तब्दील करने की महत्वाकांक्षी परियोजना पर वैश्विक निविदा के जरिए चुने गए एक विशेषज्ञ समूह के साथ काम शुरू किया जाएगा।

बुधवार को पीटीआई-वीडियो को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संस्कृति मंत्रालय के सामने वर्ष 2028 तक परियोजना के पहले चरण को पूरा करके उसका उद्घाटन करने का लक्ष्य रखा है।

दुनिया के सबसे बड़े संग्रहालय के रूप में तैयार किए जा रहे इस संग्रहालय में भारत की 5,000 वर्षों से अधिक पुरानी सभ्यता और संस्कृति की कहानी को आठ विषयगत खंडों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।

देश की राजधानी नयी दिल्ली के केंद्र में स्थित नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक में विकसित होने वाला यह संग्रहालय लगभग 1.5 लाख वर्गमीटर क्षेत्र में फैला होगा। अधिकारियों के अनुसार इसमें बेसमेंट और तीन मंजिलों में कुल 950 कमरे होंगे।

पहले जहां गृह मंत्रालय, वित्त मंत्रालय और अन्य सरकारी विभागों वाला नॉर्थ ब्लॉक खाली कराया जा चुका है, वहीं कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों वाले साउथ ब्लॉक को भी चरणबद्ध तरीके से खाली किया जा रहा है।

शेखावत ने कहा, "साउथ ब्लॉक में प्रधानमंत्री कार्यालय खाली हो चुका है। रक्षा मंत्री का कार्यालय भी स्थानांतरित हो चुका है। विदेश मंत्रालय का भी आंशिक रूप से स्थानांतरण हो गया है और अगले दो-तीन महीने में हमें यह इमारत पूरी तरह मिल जाएगी।"

नयी दिल्ली का निर्माण 1912 से 1931 के बीच ब्रिटिश वास्तुकार सर एड्विन लैंडसिर लुटियन और सर हर्बर्ट बेकर ने किया था। नॉर्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक और राष्ट्रपति भवन रायसीना हिल परिसर का प्रमुख हिस्सा हैं।

शेखावत ने कहा, "फिलहाल हम इमारत को उसके मूल डिजाइन में वापस लाने पर काम कर रहे हैं। इसके लिए निविदा जारी की जा चुकी है और काम शुरू हो चुका है।"

उन्होंने बताया कि इमारत की मजबूती और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच के बाद इसे संग्रहालय में बदलने का कार्य शुरू होगा।

शेखावत ने कहा कि परियोजना के लिए आवश्यक विशेषज्ञों, जैसे विरासत वास्तुकारों और संग्रहालय विशेषज्ञों का चयन वैश्विक निविदा प्रक्रिया के माध्यम से किया गया है और तकनीकी व वित्तीय दृष्टि से उपयुक्त पाए गए एक कंसोर्टियम को इस कार्य के लिए नियुक्त किया गया है।

भाषा जोहेब नेत्रपाल

नेत्रपाल

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