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ओएसएम प्रभावित छात्र ने संसदीय समिति की बैठक में उठाए सवाल, अधिकारी चुप रहे

ओएसएम प्रभावित छात्र ने संसदीय समिति की बैठक में उठाए सवाल, अधिकारी चुप रहे

IBC24 1 week ago

यी दिल्ली, दो जून (भाषा) केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के शीर्ष अधिकारियों ने 12वीं कक्षा की परीक्षाओं में ऑनलाइन मूल्यांकन संबंधी सेवा के लिए जारी निविदा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर मंगलवार को एक संसदीय समिति की बैठक में उठाए गए सवालों का जवाब नहीं दिया और कहा कि वे बाद में लिखित जवाब प्रस्तुत करेंगे।

सूत्रों ने यह जानकारी दी।

शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी संसद की स्थायी समिति के समक्ष सीबीएसई के अधिकारियों ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली संबंधी विवाद पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी।

स्कूल शिक्षा विभाग ने भी समिति के समक्ष ऑनलाइन मार्किंग मुद्दे पर एक पेज की प्रतिक्रिया प्रस्तुत की।

सीबीएसई की ऑनलाइन मूल्यांकन प्रणाली से प्रभावित झारखंड के 18 वर्षीय छात्र सार्थक सिद्धांत ने भी समिति के समक्ष एक प्रस्तुति दी। सूत्रों ने बताया कि सार्थक ने ऑनलाइन मूल्यांकन की खातिर ‘वेंडर’ के चयन के लिए सीबीएसई की निविदा प्रक्रिया में विसंगतियों का उल्लेख किया और बोर्ड के समक्ष कई सवाल उठाए।

उन्होंने कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली स्थायी समिति के समक्ष सात पन्नों में अपने बिंदुओं को रखा। समिति के सदस्यों ने सार्थक की बातों को धैर्यपूर्वक सुना और सीबीएसई अधिकारियों से जवाब मांगा।

सार्थक ने सीबीएसई के अध्यक्ष राहुल सिंह और सचिव (स्कूल शिक्षा) संजय कुमार के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय और बोर्ड के अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में समिति के समक्ष प्रस्तुति दी।

सीबीएसई ने समिति के सदस्यों को एक रिपोर्ट सौंपी, जिसमें छात्रों के सामने आने वाली समस्याओं पर अपना पक्ष रखा गया था और सांसदों को आश्वासन दिया गया कि उसके पोर्टल से जुड़ी तकनीकी गड़बड़ियों को ठीक कर लिया गया है और छात्रों के पास अब अपनी उत्तरपुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन की खातिर छह जून तक का समय है।

इस साल 12वीं कक्षा के परिणाम के बाद सत्यापन के दौरान गड़बड़ियों, मूल्यांकन में कथित विसंगतियों और अन्य चुनौतियों पर छात्रों की बढ़ती चिंताओं के बीच संसदीय समिति की बैठक आयोजित की गई थी।

सीबीएसई की ओएसएम प्रणाली पर विवाद के बीच, समिति ने 12वीं कक्षा की परीक्षाओं में इस प्रणाली के उपयोग के मुद्दे और इसके परिणामस्वरूप छात्रों को होने वाली समस्याओं पर चर्चा के लिए बोर्ड और स्कूल शिक्षा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों को बुलाया था।

समिति ने शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के साथ कक्षा 9 और 10 में त्रि-भाषा फॉर्मूला लागू करने पर भी चर्चा की।

समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने संवाददाताओं से बातचीत में सार्थक की प्रस्तुति के बारे में जानकारी दी।

यह पूछे जाने पर कि क्या वह सीबीएसई के जवाबों से संतुष्ट हैं, सिंह ने कहा, ”यह समिति को तय करना है।”

उन्होंने त्रि-भाषा फॉर्मूले के मुद्दे पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और कहा, ‘मेरा मानना है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है।’

भाषा हक अविनाश

अविनाश

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