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वाराणसी में इस हफ्ते संस्कृति कार्य समूह की बैठक में सभी ब्रिक्स सदस्यों का प्रतिनिधित्व रहेगा

वाराणसी में इस हफ्ते संस्कृति कार्य समूह की बैठक में सभी ब्रिक्स सदस्यों का प्रतिनिधित्व रहेगा

IBC24 1 week ago

यी दिल्ली, एक जून (भाषा) ब्रिक्स समूह के सभी सदस्य देशों का प्रतिनिधित्व 4-5 जून को वाराणसी में इसके संस्कृति कार्य समूह (सीडब्ल्यूजी) की बैठक में रहेगा और अगस्त में इन देशों के संस्कृति मंत्रियों के भोपाल में मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेने की उम्मीद है।

एक शीर्ष अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।

भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स की दूसरी सीडब्ल्यूजी बैठक पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष की पृष्ठभूमि में होगी। यह मंच प्रभावशाली समूह के अन्य सदस्य देशों के अलावा ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के प्रतिनिधियों को एक मेज पर लाएगा।

केंद्रीय संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल ने यहां संवाददाताओं से कहा कि सीडब्ल्यूजी की तीसरी बैठक 5-6 अगस्त को भोपाल में होगी, इसके बाद 6-7 अगस्त को ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव और 7 और 8 अगस्त को ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक (सीएमएम) भी भोपाल में होगी।

यह पूछे जाने पर कि क्या भारत, समूह के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में, सीएमएम के बाद एक संयुक्त वक्तव्य की उम्मीद कर रहा है, उन्होंने कहा, ''हम एक संयुक्त वक्तव्य जारी करने के लिए अपनी पूरी कोशिश करेंगे। लेकिन, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि हम चर्चा में कैसे आगे बढ़ते हैं और सदस्यों के बीच कितनी आम सहमति बना पाएंगे।''

केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भोपाल में सीएमएम का नेतृत्व करेंगे।

सूत्रों ने कहा कि संस्कृति संबंधी मंत्रिस्तरीय बैठक मध्यप्रदेश की राजधानी के ऐतिहासिक मिंटो हॉल में आयोजित होने की उम्मीद है।

एक सूत्र ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि सभी सदस्य देशों ने 4-5 जून को वाराणसी में होने वाली सीडब्ल्यूजी बैठक में भाग लेने की पुष्टि की है।

संस्कृति कार्य समूह की पहली बैठक 29 और 30 अप्रैल को ऑनलाइन आयोजित की गई थी।

अग्रवाल ने ब्रिक्स की संस्कृति बैठकों पर संवाददाता सम्मेलन में कहा, ''ऑनलाइन बैठक में, हमने अगले दो दौर के लिए एजेंडा तय किया। आम तौर पर सदस्यों के बीच आम सहमति थी। हमने सदस्यों को एजेंडे पर लिखित रूप में टिप्पणियां भेजने का भी मौका दिया है। कुछ टिप्पणियां कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के जिम्मेदाराना उपयोग आदि पर हैं।''

उन्होंने कहा, बैठकों के लिए ज्ञान साझेदार इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) है।

यह पूछे जाने पर कि क्या ईरान के संस्कृति मंत्री भोपाल में ब्रिक्स सीएमएम में शामिल होंगे, अग्रवाल ने कहा, ''न्योता सभी मंत्रियों को गया होगा, लेकिन इसकी पुष्टि बैठक के नजदीक आने पर होगी।''

भारत ने 14 और 15 मई को नयी दिल्ली में ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी की थी। पश्चिम एशिया संघर्ष पर मतभेदों के मद्देनजर सदस्य देश सम्मेलन के अंत में एक संयुक्त वक्तव्य जारी करने में विफल रहे। बैठक में, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची आम सहमति नहीं बन पाने के लिए संयुक्त अरब अमीरात को दोषी ठहराते नजर आए थे।

ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक अपने सदस्यों के बीच आपसी समझ, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और संस्कृति क्षेत्र में अन्य सहयोगी पहल को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है।

ब्रिक्स के शुरुआती सदस्य देश ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका हैं। 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात को शामिल किया गया। इंडोनेशिया को 2025 में शामिल किया गया।

भाषा सुभाष नरेश

नरेश

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