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विपक्षी एसडीएफ ने सिक्किम सरकार की जैविक मिशन के प्रति प्रतिबद्धता को लेकर सवाल उठाए

विपक्षी एसडीएफ ने सिक्किम सरकार की जैविक मिशन के प्रति प्रतिबद्धता को लेकर सवाल उठाए

IBC24 4 months ago

गंगटोक, एक जून (भाषा) विपक्षी सिक्किम लोकतांत्रिक मोर्चा ने सोमवार को केंद्र द्वारा राज्य में जैविक कृषि और अवसंरचना विकास के लिए 583 करोड़ रुपये की सहायता की घोषणा का स्वागत किया, लेकिन जैविक मिशन के राज्य सरकार के प्रबंधन पर चिंता व्यक्त की।

एक विज्ञप्ति में, पार्टी ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ सिक्किम क्रांति मोर्चा (एसकेएम) वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए केंद्र के समक्ष जैविक कृषि में राज्य की उपलब्धियों को उजागर करता रहा है, लेकिन जैविक मिशन की पर्याप्त रूप से रक्षा और उसे मजबूत करने में विफल रहा है।

सिक्किम लोकतांत्रिक मोर्चा (एसडीएफ) ने कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण द्वारा सिक्किम राज्य जैविक प्रमाणन एजेंसी के 2024 में निलंबन का हवाला दिया, जब यह पाया गया कि अजैविक चावल को कथित तौर पर जैविक उत्पाद के रूप में प्रमाणित और निर्यात किया गया था।

एसडीएफ ने आरोप लगाया कि इससे अंतरराष्ट्रीय जैविक बाजारों में सिक्किम की

साख को नुकसान पहुंचा और राज्य की प्रमाणन प्रणाली की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे।

विपक्ष ने यह भी दावा किया कि किसानों ने घटती सहायता सेवाओं, बीजों तक पहुंच, बाजार संपर्क और प्रमाणीकरण प्रक्रियाओं के बारे में चिंता व्यक्त की है।

इसमें आरोप लगाया गया कि राज्य के कुछ हिस्सों में अजैविक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग बढ़ गया है, जिससे सिक्किम की जैविक स्थिति संभावित रूप से कमजोर हो सकती है।

जैविक मिशन की उत्पत्ति पर प्रकाश डालते हुए, एसडीएफ ने बताया कि यह पहल 2003 में पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के नेतृत्व में शुरू की गई थी जिसके कारण 2016 में सिक्किम भारत का पहला पूर्णतः जैविक राज्य बन पाया।

बाद में इस राज्य को अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त हुई, जिसमें 2018 में एफएओ (कृषि एवं खाद्य संगठन) का 'फ्यूचर पॉलिसी गोल्ड अवार्ड' भी शामिल है।

भाषा तान्या माधव

माधव

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