IDP Emerging Futures Report 2026: विदेश में पढ़ाई करने का सपना भारतीय छात्रों के बीच पहले से कहीं ज्यादा मजबूत है, लेकिन IDP की ‘Emerging Futures’ रिपोर्ट यह दिखाती है कि अब छात्र केवल डिग्री के पीछे नहीं भाग रहे, बल्कि स्पष्ट करियर रिजल्ट, खर्च और वीज़ा सुरक्षा जैसे व्यावहारिक पहलुओं को ध्यान में रखकर फैसले ले रहे हैं.
रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक स्तर पर छात्रों के लिए सबसे बड़ा फैक्टर ग्रेजुएशन के बाद करियर आउटकम बन गया है. करीब 32% छात्रों ने इसे “वैल्यू फॉर मनी” का सबसे अहम पैमाना बताया.
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इसके बाद प्राथमिकताएं इस तरह रहीं:
28% - हाई क्वालिटी टीचिंग और सपोर्ट
22% - इंडस्ट्री-रिलेवेंट स्किल्स
21% - नेटवर्किंग और करियर कनेक्शन
भारतीय छात्रों में यह ट्रेंड और भी मजबूत है, जहां 41% ने करियर आउटकम को सबसे बड़ा निर्णायक कारक माना है.
कौन से कोर्स हैं सबसे ज्यादा डिमांड में?
स्टूडेंट्स की पसंद स्पष्ट रूप से करियर-ओरिएंटेड है:
बिज़नेस और मैनेजमेंट - 24% (टॉप चॉइस)
इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी - 20%
हेल्थ और मेडिसिन - 18%
कंप्यूटर और गणितीय विज्ञान - 15%
यह दिखाता है कि छात्र ऐसे क्षेत्रों की ओर बढ़ रहे हैं, जहां ग्लोबल जॉब मार्केट में मांग अधिक है.
ग्लोबली रैंक्ड यूनिवर्सिटी बनी पहली पसंद
लगभग 65% छात्रों ने टॉप-रैंक्ड यूनिवर्सिटीज़ को प्राथमिकता दी, जबकि कम्युनिटी कॉलेज, अनरैंक्ड संस्थान और ट्रेड इंस्टीट्यूट्स की हिस्सेदारी काफी कम रही. सिर्फ 3% छात्रों ने फाउंडेशन या पाथवे प्रोग्राम चुना, जबकि 3% अभी भी निर्णय प्रक्रिया में हैं.
कौन सा देश कितना भरोसेमंद? (कॉन्फिडेंस लेवल)
स्किल और करियर तैयारी के लिए छात्रों का भरोसा इन देशों में सबसे ज्यादा रहा:
UK - 85%
कनाडा - 84%
ऑस्ट्रेलिया - 83%
USA - 82%
न्यूज़ीलैंड - 82%
वहीं उभरते डेस्टिनेशन जैसे जर्मनी (64%), फ्रांस (58%) और UAE (47%) में भरोसा काफी कम देखा गया.
बढ़ती लागत बनी सबसे बड़ी चुनौती
रिपोर्ट में सबसे चिंताजनक पहलू विदेश में पढ़ाई की बढ़ती लागत सामने आया है.
50% छात्रों ने ट्यूशन फीस को सबसे बड़ी बाधा बताया
35% ने रहने के खर्च को चुनौती माना
27% ने वीज़ा लागत को समस्या बताया
26% ने वीज़ा प्रक्रिया को कठिन बताया
भारतीय छात्रों में भी 43% ने फीस को अफोर्डेबल नहीं माना.
भारत का बदलता ट्रेंड: ज्यादा फोकस, कम विकल्प
अब छात्र पहले से ज्यादा स्पष्ट और निर्णायक हो रहे हैं. एक ही देश पर विचार करने वाले छात्रों का अनुपात 19% से बढ़कर 22% हो गया है. ऑस्ट्रेलिया भारतीय छात्रों की पहली पसंद बनकर उभरा है (41%), इसके बाद UK, कनाडा और USA आते हैं.

