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आखिर क्यों नहीं मिलाई जाती शनिदेव से नजर? जानिए पत्नी के श्राप से जुड़ी पौराणिक कथा और धार्मिक मान्यता

आखिर क्यों नहीं मिलाई जाती शनिदेव से नजर? जानिए पत्नी के श्राप से जुड़ी पौराणिक कथा और धार्मिक मान्यता

Shani Dev Ki Aankhon Mein Kyon Nahin Dekhna Chahie: शनिदेव को न्याय और कर्मफल के देवता माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार उनकी पूजा करते समय कुछ विशेष नियमों का पालन किया जाता है.

इन्हीं में से एक मान्यता यह भी है कि उनकी आंखों में सीधे नहीं देखना चाहिए. आइए जानते हैं इसके पीछे बताई जाने वाली पौराणिक कथा.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनिदेव की पूजा करते समय उनकी आंखों में सीधे देखने से बचने की सलाह दी जाती है. माना जाता है कि उनकी दृष्टि अत्यंत प्रभावशाली होती है. हालांकि, इस मान्यता का आधार पौराणिक कथाएं हैं और इसे आस्था के रूप में देखा जाता है.

क्या है पत्नी के श्राप की कथा?

कथा के अनुसार, एक बार शनिदेव भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में पूरी तरह लीन थे. उसी समय उनकी पत्नी संतान प्राप्ति की इच्छा लेकर उनके पास पहुंचीं. लेकिन शनिदेव का पूरा ध्यान भगवान श्रीकृष्ण की आराधना में था, इसलिए उन्होंने पत्नी की ओर ध्यान नहीं दिया.इस बात से उनकी पत्नी नाराज हो गईं. क्रोध में आकर उन्होंने शनिदेव को श्राप दे दिया कि वे जिस पर भी अपनी दृष्टि डालेंगे, उसका अनिष्ट हो जाएगा. तभी से माना जाने लगा कि शनिदेव अपनी नजर नीचे रखकर रहते हैं और उनकी आंखों में सीधे नहीं देखना चाहिए.

पूजा के समय किन बातों का रखें ध्यान?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनिदेव की पूजा श्रद्धा और नियम के साथ करनी चाहिए. पूजा के दौरान उनकी प्रतिमा के चरणों के दर्शन करने की परंपरा अधिक प्रचलित मानी जाती है. साथ ही सरसों का तेल, काले तिल और शनि मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है.

क्या कहती है धार्मिक मान्यता?

मान्यता है कि सच्चे मन से शनिदेव की पूजा करने और अच्छे कर्म करने वाले लोगों पर उनकी कृपा बनी रहती है. इसलिए उनकी पूजा में डर नहीं, बल्कि श्रद्धा, संयम और नियम का विशेष महत्व बताया गया है.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. Inkhabar इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

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