भारतीय मूल के विंगर निशान वेलुपिल्लई(nishan velupillay) को 2026 फीफा वर्ल्ड कप के लिए ऑस्ट्रेलिया की टीम में जगह मिल गई है. मेलबर्न विक्ट्री एकेडमी से निकले वेलुपिल्लई ने 2021 में अपने सीनियर डेब्यू के बाद से क्लब के लिए एक बेहद अहम खिलाड़ी के रूप में अपनी पहचान बनाई है.
उन्होंने अब तक अलग-अलग प्रतियोगिताओं में कुल 146 मैच खेले हैं.
25 साल के इस खिलाड़ी ने मेलबर्न विक्ट्री के लिए खेलते हुए 25 गोल दागे हैं और अपने डेब्यू के बाद से वे क्लब के सबसे बड़े स्कोरर बनकर उभरे हैं. उनका सबसे शानदार प्रदर्शन 2024-25 के सीजन में देखने को मिला, जब उन्होंने मेलबर्न विक्ट्री को ‘ऑस्ट्रेलिया कप’ जिताने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई और टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी रहे.
क्लब के लिए उनके इसी दमदार प्रदर्शन की बदौलत उन्हें 2024 फीफा वर्ल्ड कप क्वालीफायर के लिए पहली बार ऑस्ट्रेलियाई टीम (सॉकरूज़) में चुना गया. वेलुपिल्लई ने अपने पहले ही इंटरनेशनल मैच में चीन के खिलाफ सब्सटिट्यूट के तौर पर उतरकर गोल दाग दिया और तुरंत अपनी छाप छोड़ी. तब से लेकर अब तक, उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए 7 मैचों में 3 गोल किए हैं.
हालांकि, सफर इतना आसान नहीं रहा. मेलबर्न विक्ट्री के 2025-26 प्री-सीजन के दौरान वे हैमस्ट्रिंग (मांसपेशी) की चोट का शिकार हो गए, जिसकी वजह से उन्हें सीजन के शुरुआती मैचों से बाहर बैठना पड़ा. लेकिन चोट से उबरने के बाद उन्होंने शानदार वापसी की और बचे हुए सीजन में 5 गोल कन्ट्रीब्यूशन (गोल और असिस्ट) देकर ऑस्ट्रेलिया की 2026 फीफा वर्ल्ड कप टीम में अपनी जगह पक्की कर ली.
एक बड़ा रिकॉर्ड सामने है
अगर निशान वेलुपिल्लई इस टूर्नामेंट के किसी भी मैच में मैदान पर उतरते हैं, तो वे फीफा वर्ल्ड कप के इस एडिशन में खेलने वाले भारतीय मूल के पहले खिलाड़ी बन जाएंगे.
हालांकि, कहानी में थोड़ा सस्पेंस भी है. चोट से लौटने के बाद उन्होंने नेशनल टीम के लिए केवल दो मैच खेले हैं, ऐसे में यह कहना थोड़ा मुश्किल है कि क्या 25 साल के इस खिलाड़ी को इस समर वर्ल्ड कप के शुरुआती ग्यारह (स्टार्टिंग इलेवन) में मौका मिलेगा या नहीं. माना जा रहा है कि कोच टोनी पोपोविच राइट विंग पर युवा और टैलेंटेड खिलाड़ी नेस्टोरी ईरानकुंडा को ही अपनी पहली पसंद के रूप में मैदान में उतार सकते हैं.

