Hydration Mistake: सुबह उठते ही तांबे के बर्तन का पानी पीना आजकल हेल्दी लाइफस्टाइल का हिस्सा बन गया है. कई लोग इसे शरीर को डिटॉक्स करने और इम्यूनिटी बढ़ाने का आसान तरीका मानते हैं.
लेकिन, क्या आप जानते हैं कि तांबे के बर्तन में पानी पीने का गलत तरीका फायदे की बजाय नुकसान भी पहुंचा सकता है? यदि पानी को जरूरत से ज्यादा देर तक तांबे के बर्तन में रखा जाए या कुछ चीजों के साथ इसका सेवन किया जाए, तो यह सेहत पर उल्टा असर डाल सकता है. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि, तांबे के बर्तन का पानी कब, कितना और किस तरह पीना चाहिए. तांबे के बर्तन में पानी पीने के क्या फायदे हैं? आइए जानते हैं सेहत से जुड़ी जरूरी बातें-
आयुर्वेद के अनुसार, तांबे के बर्तन में रखा पानी सदियों से आयुर्वेद में लाभकारी माना गया है. माना जाता है कि, तांबे के संपर्क में आने पर पानी में सूक्ष्म मात्रा में कॉपर (Copper) घुल जाता है, जो शरीर के लिए एक आवश्यक खनिज है. यह शरीर में कई जैविक प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
तांबे के बर्तन में पानी पीने के फायदे?
- पाचन तंत्र को बेहतर रखने में मदद मिल सकती है.
- शरीर में मौजूद कुछ हानिकारक बैक्टीरिया कम हो सकते हैं.
- कॉपर की कमी पूरी करने में सहायता मिल सकती है.
- कोशिकाओं के सामान्य कार्य और प्रतिरक्षा तंत्र को समर्थन मिल सकता है.
कौन-सी गलती पड़ सकती है भारी?
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि, तांबे के बर्तन में पानी 6 से 8 घंटे तक रखना पर्याप्त माना जाता है. लेकिन, कई लोग कई दिनों तक उसी बर्तन में पानी भरकर इस्तेमाल करते रहते हैं. इससे जरूरत से ज्यादा कॉपर शरीर में पहुंच सकता है. इसके अलावा तांबे के बर्तन में नींबू पानी, इमली, सिरका या अन्य खट्टे पेय नहीं रखने चाहिए. क्योंकि, अम्लीय पदार्थ तांबे के साथ प्रतिक्रिया कर सकते हैं. बर्तन को नियमित रूप से साफ न करने पर उसकी सतह पर परत (ऑक्साइड) जम सकती है. बहुत अधिक मात्रा में केवल तांबे के बर्तन का पानी पीना भी उचित नहीं माना जाता.
ज्यादा कॉपर से क्या हो सकते हैं नुकसान?
- मतली या उल्टी
- पेट दर्द
- दस्त
- धातु जैसा स्वाद महसूस होना
तांबे के बर्तन का सही इस्तेमाल कैसे करें?
रात में बर्तन में पानी भरकर रखें और सुबह पिएं.
पानी को 6-8 घंटे से अधिक रखने से बचें.
बर्तन को नींबू और नमक या उपयुक्त क्लीनर से समय-समय पर साफ करें.
खट्टे पेय या दूध जैसी चीजें तांबे के बर्तन में न रखें.
संतुलित मात्रा में ही इसका उपयोग करें और दिनभर का सारा पानी केवल तांबे के बर्तन से न पिएं.

