2018 का भारत-ऑस्ट्रेलिया पर्थ टेस्ट आज भी क्रिकेट फैंस को याद है. उस मुकाबले में सबसे ज्यादा चर्चा विराट कोहली और ऑस्ट्रेलियाई कप्तान टिम पेन के बीच हुई जुबानी जंग की हुई थी. स्टंप माइक की वजह से दोनों खिलाड़ियों की बातचीत पूरी दुनिया ने सुनी.
लेकिन इसी टेस्ट में एक और घटना हुई थी, जो उस समय ज्यादा सामने नहीं आई. भारतीय टीम के दो अनुभवी खिलाड़ी ईशांत शर्मा और रवींद्र जडेजा भी मैदान पर आपस में उलझ गए थे.
यह घटना मैच के चौथे दिन दूसरे सत्र के दौरान हुई. ओवर खत्म होने के बाद कैमरे में ईशांत और जडेजा एक-दूसरे से तेज आवाज में बात करते और हाथों से इशारे करते दिखाई दिए. दोनों के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि कुछ पल के लिए ऐसा लगा जैसे मामला और गंभीर हो सकता है. हालांकि, उस समय टीवी प्रसारण में सिर्फ तस्वीरें दिखाई गईं, लेकिन उनकी बातचीत की आवाज नहीं सुनाई गई.
स्टंप माइक ने खोल दिया पूरा राज
मैच खत्म होने के बाद एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि स्टंप माइक ने दोनों खिलाड़ियों की बातचीत रिकॉर्ड कर ली थी. रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों के बीच कहासुनी फील्डिंग और मैदान पर तालमेल को लेकर शुरू हुई थी. बहस के दौरान दोनों खिलाड़ियों ने एक-दूसरे से नाराजगी जाहिर की, लेकिन कुछ ही देर बाद मामला शांत हो गया और दोनों ने फिर से मैच पर पूरा ध्यान लगाया. यह घटना बताती है कि बड़े मुकाबलों के दबाव में कभी-कभी साथी खिलाड़ियों के बीच भी तकरार हो जाती है.
क्रिकेट में स्टंप माइक पर फिर छिड़ी थी बहस
इस घटना के बाद क्रिकेट में स्टंप माइक के इस्तेमाल को लेकर नई बहस शुरू हो गई थी. कई लोगों का मानना था कि खिलाड़ियों की हर बात दर्शकों तक पहुंचाना सही नहीं है, जबकि कुछ लोगों ने इसे खेल का हिस्सा बताया. उसी सीरीज में विकेटकीपर ऋषभ पंत की मजेदार बातें और विराट कोहली व टिम पेन की नोकझोंक भी खूब सुर्खियों में रही थी. बाद में विराट कोहली ने भी कहा था कि जब खिलाड़ी मैदान पर होते हैं तो उनका पूरा ध्यान सिर्फ मैच पर होता है. उन्हें इस बात का एहसास नहीं रहता कि स्टंप माइक या कैमरे उनकी हर बात रिकॉर्ड कर रहे हैं. यही वजह है कि पर्थ टेस्ट का यह किस्सा आज भी क्रिकेट इतिहास की सबसे चर्चित घटनाओं में गिना जाता है.

