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JEE Story: 10वीं में 54% देखकर रह गए थे हैरान, बदली पढ़ाई की रणनीति, फिर मिली टॉप के इंजीनियरिंग कॉलेज में एंट्री

JEE Story: 10वीं में 54% देखकर रह गए थे हैरान, बदली पढ़ाई की रणनीति, फिर मिली टॉप के इंजीनियरिंग कॉलेज में एंट्री

JEE Success Story: कभी-कभी एक खराब रिजल्ट हमें अपनी मंजिल से दूर नहीं करता, बल्कि सही दिशा दिखाता है. जैनेंद्रजीत की कहानी इसका बेहतरीन उदाहरण है. 10वीं कक्षा में उन्होंने महज 54 प्रतिशत अंक हासिल किए थे.

गणित में 41 और साइंस में 48 अंक देखकर वह खुद भी हैरान रह गए थे. लेकिन कुछ साल बाद इसी छात्र ने JEE Main में 99.98 परसेंटाइल और JEE Advanced में ऑल इंडिया रैंक 349 हासिल कर सभी को चौंका दिया.

जैनेंद्रजीत ने वृंदावन के जवाहर नवोदय विद्यालय से पढ़ाई की. बोर्ड परीक्षा से पहले उनकी तबीयत खराब हो गई थी और उन्हें करीब 40 से 50 दिन बेड रेस्ट करना पड़ा. इसका सीधा असर उनकी तैयारी पर पड़ा. जब रिजल्ट आया तो उनके लिए उस पर विश्वास करना मुश्किल था. उन्होंने अपना स्कोर दोबारा चेक किया और रोल नंबर तक मिलाया। लेकिन 54 प्रतिशत ही सच था. उनके कई दोस्तों ने 80 से लेकर 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए थे। ऐसे में तुलना और लोगों की आलोचना ने उन्हें और परेशान किया. लेकिन उन्होंने इस रिजल्ट को अपनी क्षमता का अंतिम प्रमाण मानने से इनकार कर दिया.

एक रात में लिया जिंदगी बदलने वाला फैसला

जैनेंद्रजीत ने तय किया कि केवल ज्यादा घंटे पढ़ना काफी नहीं होगा. उन्हें पढ़ने का तरीका बदलना होगा. उन्होंने एक व्यवस्थित टाइमटेबल बनाया, सोशल मीडिया और दूसरी distractions को कम किया और धीरे-धीरे पढ़ाई का समय बढ़ाया. वह रोजाना करीब 10 घंटे पढ़ने लगे। खास बात यह थी कि क्लास में पढ़ाए जाने वाले टॉपिक को पहले से समझने के लिए वह संबंधित वीडियो और सामग्री देख लेते थे. इससे कक्षा में कॉन्सेप्ट समझना आसान हो गया. उन्होंने बड़े लक्ष्यों के बजाय छोटे और पूरे किए जा सकने वाले टारगेट बनाने शुरू किए. साथ ही पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को अपनी तैयारी का नियमित हिस्सा बनाया.

54% से सीधे 99.98 परसेंटाइल तक

मेहनत का असर JEE में साफ नजर आया। JEE Main 2023 में जैनेंद्रजीत ने 99.98 परसेंटाइल हासिल किया. इसके बाद JEE Advanced में उनकी AIR 349 आई. इस शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्हें IIT बॉम्बे के कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग प्रोग्राम में दाखिला मिला. जिस छात्र को कुछ साल पहले अपने 10वीं के नंबरों को लेकर लोगों के सवालों का सामना करना पड़ा था, वह अब देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक में पढ़ रहा था.

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IIT बॉम्बे में पढ़ाई के साथ इंटर्नशिप

वर्ष 2023 में IIT बॉम्बे में BTech Computer Science में दाखिला लेने के बाद जैनेंद्रजीत ने पढ़ाई के साथ प्रैक्टिकल अनुभव पर भी ध्यान दिया. दिसंबर 2025 में उन्होंने बेंगलुरु की Loop Health में सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग इंटर्न के तौर पर काम किया. इसके अलावा उन्होंने Kimbal में समर इंटर्नशिप भी की.

कम नंबर आपकी मंजिल तय नहीं करते

जैनेंद्रजीत की कहानी उन छात्रों के लिए खास संदेश है जो किसी परीक्षा में कम अंक आने के बाद खुद को कमजोर समझने लगते हैं. कम स्कोर यह जरूर बताता है कि इस समय आपकी तैयारी कहां खड़ी है, लेकिन यह तय नहीं करता कि आप भविष्य में कितना आगे जा सकते हैं. जरूरत है अपनी गलतियों को पहचानने, पढ़ाई की रणनीति बदलने और छोटे-छोटे लक्ष्य लेकर लगातार आगे बढ़ने की. जैनेंद्रजीत ने 54 प्रतिशत से 99.98 परसेंटाइल तक का सफर तय करके यही साबित किया है.

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