इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने अनुभवी बल्लेबाज जो रूट को एक बार फिर इंग्लैंड की टेस्ट टीम का कप्तान नियुक्त किया है. 31 जुलाई को हुई इस घोषणा के बाद क्रिकेट जगत में इस फैसले पर काफी चर्चा हुई. कई पूर्व खिलाड़ियों और क्रिकेट स्पेशलिस्ट को उम्मीद थी कि टेस्ट टीम की कमान युवा बल्लेबाज हैरी ब्रूक को सौंपी जाएगी, लेकिन ईसीबी ने अनुभव को प्राथमिकता देते हुए जो रूट पर भरोसा जताया.
जो रूट इससे पहले भी इंग्लैंड की टेस्ट टीम की कप्तानी कर चुके हैं और अब उन्हें दूसरी बार यह जिम्मेदारी मिली है.
ईसीबी के प्रबंध निदेशक रॉब की ने इस फैसले के पीछे की वजह बताते हुए कहा कि इंग्लैंड के नए टेस्ट मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग के साथ लंबी चर्चा के बाद ही जो रूट के नाम पर सहमति बनी. उन्होंने कहा कि किसी भी टीम का कप्तान चुनने में हेड कोच की राय बेहद महत्वपूर्ण होती है. रॉब की का मानना है कि मौजूदा समय में जो रूट के अनुभव और नेतृत्व क्षमता का फायदा इंग्लैंड की टेस्ट टीम को मिलेगा.
हैरी ब्रूक को कप्तानी क्यों नहीं मिली?
रॉब की ने कहा कि हैरी ब्रूक अभी एक खिलाड़ी और कप्तान दोनों के रूप में लगातार सीख रहे हैं. उनके अनुसार इंग्लैंड की टेस्ट टीम की कप्तानी देश के क्रिकेट की सबसे बड़ी जिम्मेदारियों में से एक है. ऐसे में इतनी बड़ी जिम्मेदारी देने का यह सही समय नहीं था. उन्होंने कहा कि जो रूट के पास सालों का अनुभव है और वह स्टीफन फ्लेमिंग के साथ मिलकर टीम को मजबूत दिशा दे सकते हैं. यही कारण है कि ईसीबी ने फिलहाल अनुभवी खिलाड़ी पर भरोसा जताया.
भविष्य में बन सकते हैं टेस्ट कप्तान
रॉब की ने यह भी स्पष्ट किया कि हैरी ब्रूक को भविष्य की योजनाओं से बाहर नहीं रखा गया है. उनका मानना है कि आने वाले वर्षों में ब्रूक इंग्लैंड के शानदार टेस्ट कप्तान बन सकते हैं. फिलहाल वह सीमित ओवरों की टीम की कप्तानी पर पूरा ध्यान देंगे और 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों का नेतृत्व करेंगे. ईसीबी को उम्मीद है कि अनुभव हासिल करने के बाद हैरी ब्रूक टेस्ट टीम की कमान संभालने के लिए पूरी तरह तैयार होंगे और इंग्लैंड क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे.

