राजस्थान के श्रीगंगानगर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है जहां एक 75 साल के बुजुर्ग ने अपने निधन के 3 दिन पहले ही घर वालों को बता दिया था कि अब वो दुनिया छोड़ने वाले हैं.
यह कहानी है गुरुद्वारा सिंह सभा (लालगढ़ जाटान) के प्रधान भजन सिंह सरन की जिन्होंने 20 जुलाई 2026 को अपने पोते के रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में कहा था कि सातवें महीने से आठवें महीने यानी 25 जुलाई से 1 अगस्त के बीच मुझे जाना है. महाराज का बुलावा आ गया है और मुझे बाबा नानक की गोद में जाना है. ताज्जुब की बात तो यह है कि 23 जुलाई को बुजुर्ग का निधन हो गया जिसके बाद घर में मातम पसर गया लेकिन 29 जुलाई को, जब पोते ने घर वालों को यह वीडियो दिखाया तो सब हैरान रह गए.
निधन की सुबह शमशान में लगाई झाडू
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में घर वालों ने 75 वर्षीय भजन सिंह सरन की मौत के बाद, जब उनकी भविष्यवाणी वाला वीडियो देखा तो सभी हैरान रह गए. बुजुर्ग की मौत 23 जुलाई दोपहर 2 बजे अचानक हार्ट अटकै आने से हो गई थी लेकिन ताज्जुब की बात तो यह है कि बुजुर्ग ने अपने निधन से पहले सुबह 5 बजे उसी शमशान में झाडू लगाई थी जहां उनका अंतिम संस्कार हुआ. निधन की सुबह बुजुर्ग गुरुद्वारे भी गए, माथा टेका और सकुशल घर लौट आए थे लेकिन दोपहर में अचानक उनको हार्ट अटैक आया दजिसके बाद उन्हें अस्पताल भी ले जाया गया लेकिन रास्ते में ही उनका निधन हो गया.
वीडियो में बताई आखिरी इच्छा
पोते के बनाए वीडियो में मृतक भजन सिंह सरन ने अपनी आखिरी इच्छा का भी जिक्र किया था. उन्होंने परिजनों से निधन के बाद शोक न मनाने की अपील की. वीडियो में उन्होंने कहा कि शोक कार्यक्रम में कोई मिठाई न बनाई जाए. सिर्फ गुरुद्वारा साहिब में मीठे चावल और चूरमा होना चाहिए जो आएगा वो खाकर चला जाएगा. उन्होंने कहा कि गुरुद्वारे में सेवा की है इसलिए उन्हें मालिक के स्वर सुनाई दे रहे हैं. इस वीडियो को लेकर जब पोते से पूछा गया कि उसने पहले क्यों नहीं बताया तो पोते का जवाब बेहद हैरान करने वाला था. उसका कहना था कि वो अपने दादा की बातों को मजाक समझ रहा था. उसे लगा दादा मजाक कर रहे हैं लेकिन जब भविष्यवाणी के मुताबिक 2 दिन बाद, दादा का निधन हो गया तो वह स्तब्ध रह गया था.
बताया जा रहा है कि भजन सिंह सरन, समाज के बेहद सम्मानिक व्यक्ति थे. उनका परिवार खेती करके अपनी आजीविका चलाता है, जबकि भजन सिंह सरन गुरुद्वारे में सेवा करते थे. वो युवावस्था में कबड्डी के खिलाड़ी भी रह चुके थे. घर वालों का दावा है कि वीडियो मिलने के बाद उन्होंने शोक-विलाप नहीं किया क्योंकि बुजुर्ग की यही इच्छा थी. उनके निधन के बाद, लालगढ़ जाटान की गुरुद्वारा सिंह सभा ने नया प्रधान चुन लिया है.

