टीवी अभिनेता करण ओबेरॉय की जिंदगी में काफी उतार-चढ़ाव रहे हैं. मोना सिंह ने अभिनेता के शादी का प्रपोज़ल ठुकरा दिया था. इसके साथ ही उन्हें एक झूठे पुलिस केस में गिरफ्तार किया गया, जेल में उनकी जान जाते-जाते बची.
फिर उन्होंने एक्टिंग छोड़ दी और अब वे सिंगर हैं. चलिए जानते हैं अभिनेता के बारे में.
17 साल की उम्र में एक्टिंग की दुनिया में रखा कदम
करण ओबेरॉय ने महज 17 साल की उम्र में मशहूर टीवी शो ‘स्वाभिमान’ से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा था. इस शो को जाने-माने फिल्ममेकर महेश भट्ट ने डायरेक्ट किया था. महेश भट्ट के साथ काम करने के बाद, करण मशहूर हॉरर शो ‘आहट’ के कुछ एपिसोड्स में भी नजर आए. 1998 में उन्हें संजय उपाध्याय के सोप ओपेरा ‘साया’ में काम करने का मौका मिला. अभिनेता को टीवी शो ‘जस्सी जैसी कोई नहीं’ में ‘राघव ओबेरॉय’ के रोल ने उन्हें बहुत प्यार दिलाया और उनके एक्टिंग करियर को एक नए मुकाम पर पहुंचाया.
बॉलीवुड में भी किया काम
अभिनेता करण ओबेरॉय दो मशहूर टीवी शो, ‘मिलन’ और ‘दिशाएं’ में भी नजर आए. साल 2004 में एक्टर ने फिल्म ‘किस किसको’ से बॉलीवुड में भी डेब्यू किया था.
शादी का प्रपोजल ठुकराया
करण ओबेरॉय और मोना सिंह साल 2006 में अपने शो ‘जस्सी जैसी कोई नहीं’ की शूटिंग कर रहे थे. उसी दौरान अभिनेता की मुलाकात मोना सिंह से हुई और दोनों को एक-दूसरे से प्यार हो गया. दोनों ने 16 से 18 महीने तक एक-दूसरे को डेट किया. करण ने मोना को शादी के लिए प्रपोज किया, लेकिन मोना सिंह ने इस प्रपोजल को ठुकरा दिया. फिर दोनों का ब्रेकअप हो गया.
रेप केस में फंसे अभिनेता
4 मई 2019 को करण ओबेरॉय की ज़िंदगी में सबसे बड़ा झटका तब लगा जब एक 34 साल की महिला ने उन पर रेप और जबरन वसूली का आरोप लगाया. महिला ने दावा किया कि वह पेशे से ज्योतिषी है और उसने करण के खिलाफ FIR दर्ज कराई, जिसमें कहा गया कि करण ने जनवरी 2017 से फरवरी 2018 के बीच उसका रेप किया. महिला ने करण पर शादी का झूठा वादा करने और उससे पैसे ऐंठने का भी आरोप लगाया. महिला के गंभीर आरोपों के आधार पर 5 मई 2019 को मुंबई पुलिस ने करण को गिरफ्तार कर लिया. एक्टर लगभग एक महीने तक जेल में रहे और 7 जून 2019 को बॉम्बे हाई कोर्ट ने उन्हें ज़मानत दे दी.
केस वापस के लिए दी थी अर्जी
जब करण ओबेरॉय जेल में थे, तो रेप और जबरन वसूली का आरोप लगाने वाली महिला ने एक नई FIR दर्ज कराई, जिसमें कहा गया कि उस पर हमला किया गया और केस वापस लेने के लिए कहा गया. महिला ने अपनी FIR में बताया कि वह सुबह की सैर पर निकली थी, तभी दो बाइक सवारों ने पेपर कटर से उस पर हमला किया और एक पर्ची फेंकी, जिस पर लिखा था, ‘केस वापस ले लो’. मुंबई पुलिस ने तुरंत 30 मई 2019 को चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया.
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