West Bengal STF: पश्चिम बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने आतंकवादी संगठन ‘जैश-ए-मोहम्मद’ की एक खतरनाक साजिश का पर्दाफाश किया है. जांच रिपोर्ट के हवाले से सामने आ रही जानकारी के अनुसार, जैश ने पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में वरिष्ठ मंत्रियों और उनके परिवार वालों को निशाना बनाने के लिए एक बड़े 'हनी ट्रैप' की योजना बनाई थी.
इस पूरे मामले पर एसटीएफ के अधिकारियों का बयान सामने आया है. जिसमें उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि इस पूरे मॉड्यूल को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी, इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) कंट्रोल कर रही थी.
आईएसआई ने इस नेटवर्क को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री को सीधे निशाना बनाने और राज्य के मंत्रियों और उनके बेटों को हनी-ट्रैप में फंसाने का काम सौंपा था. इस गैंग में युवा महिलाओं को मोटी रकम का लालच देकर भर्ती करने की कोशिशें चल रही थीं.
सुरक्षा एजेंसियों की जांच में चला पता
सुरक्षा एजेंसियों की जांच से पता चला है कि जैश के इरादे सिर्फ खुफिया जानकारी जुटाने तक सीमित नहीं थे; ग्रुप मंत्रियों के बेटों को अगवा करके भारी फिरौती वसूलने की भी योजना बना रहा था. इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारियों का कहना है कि आतंकवादी संगठनों का यह नया तरीका सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक नई चुनौती पेश करता है. सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पारंपरिक बम धमाकों की तुलना में ब्लैकमेल और हनी-ट्रैप से जुड़े ऑपरेशन्स में पकड़े जाने का खतरा काफी कम होता है.
धमाकों के बाद मिलने वाले फोरेंसिक सबूतों की वजह से आतंकवादी मॉड्यूल अक्सर जल्दी पकड़े जाते हैं; इससे बचने के लिए आईएसआई अब ऐसी गुप्त रणनीतियां अपना रही है. इसमें पाकिस्तान के पक्ष में जनमत बनाने के लिए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स का इस्तेमाल करना और दिल्ली में पाकिस्तानी दूतावास तक भारतीय खुफिया जानकारी पहुंचाना शामिल है.
पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने अर्पिता सरकार को किया गिरफ्तार
इस मामले में पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने झारखंड की 22 वर्षीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अर्पिता सरकार को गिरफ्तार किया है. पुलिस उसके कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल फुटप्रिंट और कोलकाता के दौरों की बारीकी से जांच कर रही है. इसके अलावा, यह मॉड्यूल दिल्ली के जंतर-मंतर पर हंगामा करने और पुलिस की वर्दी हासिल करके VIP इलाकों में घुसने की भी साजिश रच रहा था.

