NEET पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक बयानबाजी करने वाली नाबालिग लड़की की मुश्किलें बढ़ गई हैं. लड़की के वकील का दावा है कि विरोध प्रदर्शन के वीडियो को लेकर मिली धमकियों के बाद नोएडा की एक टीनएजर और उसकी मां को घर छोड़कर तीन बार दूसरी जगह जाना पड़ा.
परिवार लोग किराये पर घर देना नहीं चाह रहे हैं. वो ऐसा क्यों कर रहे हैं? यह भी समझ से परे हैं. बजाय इसके कि पीएम मोदी माफ कर चुके हैं और दिल्ली पुलिस उस लड़की के खिलाफ कोई एक्शन नहीं ले रही है.
ताजा मामला यह है कि विरोध प्रदर्शन का एक वीडियो वायरल होने के बाद ‘ज़ीरो FIR’ दर्ज होने पर PM मोदी के खिलाफ अपशब्द कहने की आरोपी नोएडा की एक टीनएजर और उसकी माँ को कथित तौर पर तीन बार घर बदलना पड़ा है. ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक, नोएडा की 15 साल की लड़की (जिस पर जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपशब्द कहने का आरोप है) और उसकी मां को कथित तौर पर तीन बार घर बदलना पड़ा. विरोध स्थल से उनके वीडियो वायरल होने के बाद नाबालिग के खिलाफ ‘जोरो FIR’ दर्ज की गई थी. वहीं, रिपोर्ट के अनुसार, लड़की के वकील का दावा है कि बार-बार मिल रही धमकियों, परिवार का पता सार्वजनिक होने और अजनबियों व पुलिसकर्मियों के आने-जाने से परिवार अपनी सुरक्षा को लेकर डर गया था, जिसके कारण उन्हें कई बार जगह बदलनी पड़ी.
पता नहीं चल रहा, फ्लैट पर ताला लगा मिला
जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को निशाना बनाकर आपत्तिजनक नारे लगाने की आरोपी एक टीनएजर के खिलाफ नोएडा में दर्ज ‘ज़ीरो FIR’ को आगे की जांच के लिए दिल्ली पुलिस को सौंप दिया गया है.
PM मोदी के पिछले दिनों रात के वीडियो और जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके का स्क्रीनग्रैब. यह घटनाक्रम तब हुआ है जब उस टीनएजर लड़की ने अपनी टिप्पणियों के लिए सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगी और कहा कि वह प्रभावित थी और इसे अपनी “पहली और आखिरी गलती बताया.
परिवार ने तीन बार घर बदला
वकील अनिल कुमार का हवाला देते हुए रिपोर्ट में बताया गया कि केस दर्ज होने के बाद जब कुछ अनजान लोग और पुलिसकर्मी कथित तौर पर उनके घर आने लगे, तो टीनएजर और उसकी माँ ने सबसे पहले अपना नोएडा वाला घर छोड़ दिया. इसके बाद परिवार फरीदाबाद में एक रिश्तेदार के घर चला गया और फिर किसी दूसरी अज्ञात जगह पर चला गया क्योंकि कथित धमकियां जारी थीं.

