किसानों के लिए एक बहुत ही अच्छी खबर सामने आई है. अगर आप भी किसान हैं और किसी वजह से अब तक अपनी फसल का पंजीकरण नहीं करवा पाए थे, या फिर आपके फॉर्म में कोई गलती हो गई थी, तो अब आपको परेशान होने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है.
सरकार ने ऋणी, गैर-ऋणी, बटाईदार किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए फसल पंजीकरण (Crop Registration) और उसमें संशोधन (Modification) करने की आखिरी तारीख को 16 अगस्त तक आगे बढ़ा दिया है. कई बार तकनीकी समस्याओं, दस्तावेजों की कमी या भागदौड़ के चलते किसान तय समय पर अपना पंजीकरण पूरा नहीं कर पाते थे. ऐसे में सरकार द्वारा समय सीमा बढ़ाए जाने से किसानों को अब पर्याप्त अतिरिक्त समय मिल गया है. अब वे बिना किसी तनाव के आसानी से अपना पंजीकरण करवा सकेंगे या अपने फॉर्म में जरूरी सुधार कर सकेंगे.
किन बातों का रखें ध्यान?
चूंकि सरकार ने फसल बीमा के लिए आवेदन की तारीख को 16 अगस्त 2026 तक बढ़ा दिया है इसलिए किसान भाई चाहें तो किसान राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल, अधिकृत बैंकों, या जन सेवा केंद्रों के जरिए फसल का पंजीकरण करा सकते हैं.
- संशोधन की तारीख को भी 14 अगस्त 2026 तक बढ़ा दिया है जिससे अब आप अपनी बीमित फसल के नाम में जरूरी बदलाव करवा सकते हैं.
- पंजीकरण या संशोधन के समय अपने सभी आवश्यक कागजात जैसे आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण और भूमि से जुड़े दस्तावेज साथ रखें.
- जो ऋण-मुक्त किसान योजना से बाहर रहना चाहते हैं, वे 9 अगस्त 2026 तक घोषणा-पत्र दे सकते हैं.
- गैर-ऋणी किसानों के लिए एग्रीस्टैक आईडी (AgriStack ID) को भी अनिवार्य कर दिया गया है.
- किसी भी असुविधा से बचने के लिए नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) या अधिकृत पोर्टल के जरिए समय रहते अपनी प्रक्रिया पूरी कर लें.
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
अन्नदाता कहे जाने वाले हमारे देश के किसानों को कुदरत की मार और अनिश्चितताओं से बचाने के लिए सरकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) चला रही है. खेती-किसानी एक ऐसा क्षेत्र है जहां मौसम की बेरुखी कभी भी पूरी मेहनत पर पानी फेर सकती है. इसी बात को ध्यान में रखते हुए इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं, कीटों या बीमारियों के कारण फसल के नुकसान से जूझ रहे किसानों को वित्तीय सहायता और मजबूत समर्थन प्रदान करना है. इस योजना के जरिए किसानों की आय को स्थिर रखा जाता है ताकि वे खेती से जुड़े रह सकें. साथ ही, यह योजना किसानों को आधुनिक और उन्नत कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित करती है, फसल विविधता को बढ़ावा देती है और कृषि क्षेत्र के विकास को सुरक्षित करती है ताकि किसान कर्ज के जाल में न फंसे.
पीएम फसल बीमा योजना के फायदे
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमित किसानों को खरीफ फसलों के लिए मात्र 2%, रबी फसलों के लिए 1.5% और वार्षिक कमर्शियल या बागवानी फसलों के लिए 5% प्रीमियम देना होता है. बाकी का सारा प्रीमियम सरकार खुद भरती है. उत्तर-पूर्वी राज्यों, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के किसानों के लिए प्रीमियम का पूरा खर्च सरकार द्वारा उठाया जाता है. इसमें सूखे, बाढ़, प्राकृतिक आग, चक्रवात, कीटों के हमले और स्थानीय जोखिमों (जैसे ओलावृष्टि और भूस्खलन) से होने वाले नुकसान को शामिल किया गया है. फसल कटाई के दो महीने के भीतर दावों का निपटान करने का लक्ष्य होता है. इसके अलावा, नुकसान के सटीक आकलन के लिए ड्रोन, मोबाइल ऐप और उपग्रह इमेजिंग (Satellite Imaging) जैसी आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाता है.
किन-किन जोखिमों और नुकसानों का मिलता है कवर?
पीएम फसल बीमा योजना के तहत बीमित फसल/किसान को प्राकृतिक आग, बिजली गिरना, तूफान, ओलावृष्टि, बाढ़ और कीट-रोगों से होने वाले नुकसान की भरपाई मिल जाती है. प्रतिकूल मौसम के कारण अगर किसान तय समय पर बुआई नहीं कर पाते हैं, तो वे बीमित राशि के 25% तक के दावे के पात्र होते हैं. कटाई के बाद खेत में सूखने के लिए छोड़ी गई फसल को चक्रवात या बारिश से नुकसान होने पर खेत के स्तर पर अधिकतम 14 दिनों तक का कवरेज मिलता है.
योजना का लाभ उठाने के लिए पात्रता (Eligibility)
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तह अधिसूचित क्षेत्रों में अधिसूचित फसलें उगाने वाले सभी किसान, जिनमें बटाईदार (Tenant Farmers) और काश्तकार (Sharecroppers) भी शामिल हैं.
- किसानों का बीमित फसलों में बीमा योग्य हित होना चाहिए.
- किसानों के पास भूमि स्वामित्व का वैध प्रमाण पत्र या वैध भूमि कार्यकाल समझौता होना जरूरी है.
- किसानों को बुआई शुरू होने के आमतौर पर 2 सप्ताह के भीतर बीमा के लिए आवेदन करना होगा.
- किसान ने किसी अन्य माध्यम या स्रोत से उसी फसल के नुकसान के लिए मुआवजा न लिया हो.
कौन-से दस्तावेज हैं जरूरी?
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ सभी प्रकार के किसानों (बटाईदार और शेयरधारक किसानों सहित) को मिलता है, बशर्ते वे अधिसूचित क्षेत्र में अधिसूचित फसल उगाते हों. आवेदन के लिए नीचे बताए दस्तावेज होने जरूरी हैं-
- पासपोर्ट साइज फोटो
- बैंक पासबुक
- पहचान पत्र (वोटर आईडी, पैन कार्ड, या बैंक पासबुक आदि)
- एड्रेस प्रूफ (बिजली बिल या पहचान पत्र)
- भूमि के कागजात (खतौनी या भूमि अधिकार प्रमाण पत्र – RoR)
- बोई गई फसल का घोषणा पत्र
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
आप घर बैठे खुद पीएमबीएफवाई (PMFBY) पोर्टल के जरिए आवेदन कर सकते हैं. सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं, 'Farmer Corner' में जाकर Guest Farmer पर क्लिक करें और फॉर्म भरकर खुद को रजिस्टर करें.
- सफल रजिस्ट्रेशन के बाद अपने मोबाइल नंबर और ओटीपी के जरिए पोर्टल पर लॉगिन करें.
- Farmer Application Form में अपनी सारी जरूरी जानकारी और फसल का विवरण भरें.
- मांगे गए सभी दस्तावेज सही फॉर्मेट में अपलोड करें और फॉर्म को सबमिट कर दें.
- आप चाहें तो तुरंत Make Payment विकल्प चुनकर ऑनलाइन प्रीमियम भर सकते हैं और रसीद प्रिंट कर सकते हैं.
- इसके बाद वेबसाइट पर Application Status के जरिए अपने आवेदन को ट्रैक भी किया जा सकता है.
फसल में नुकसान पर कैसे करें क्लेम?
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत फसल खराब होने पर क्लेम करने के लिए, किसानों को नुकसान की घटना के 72 घंटे के भीतर जानकारी देनी होगी. आप इसके लिए आधिकारिक PMFBY Portal पर जा सकते हैं या क्रॉप इंश्योरेंस ऐप (Crop Insurance App) का इस्तेमाल कर सकते हैं.
- फसल को नुकसान पहुंचने के 3 दिन (72 घंटे) के अंदर बीमा कंपनी, कृषि विभाग के अधिकारी या बैंक को लिखित या डिजिटल सूचना दें.
- किसान अपनी फसल संबंधी बीमा कंपनी के कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करके भी सूचित कर सकते हैं.
- किसान भाई घर बैठे Crop Insurance App पर अपनी फसल के नुकसान का विवरण भरें और खेत की साफ तस्वीरें अपलोड करें.
- अपने नजदीकी बैंक की शाखा, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या स्थानीय कृषि कार्यालय में जाकर भी क्लेम फॉर्म जमा कर सकते हैं.
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