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Varada Chaturthi: अधिक मास की वरदा चतुर्थी क्यों मानी जा रही है बेहद खास? जानिए पूजा और मंत्र जाप का सही तरीका

Varada Chaturthi: अधिक मास की वरदा चतुर्थी क्यों मानी जा रही है बेहद खास? जानिए पूजा और मंत्र जाप का सही तरीका

Varada Chaturthi 2026: भगवान गणेश की कृपा पाने के लिए वरदा चतुर्थी को बेहद शुभ माना जाता है. इस बार यह पावन तिथि और भी खास होने जा रही है क्योंकि अधिक मास यानी मलमास में पड़ रही वरदा चतुर्थी बुधवार 20 मई को मनाई जाएगी.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब वरदा चतुर्थी और बुधवार का संयोग बनता है, तब गणेश पूजा का महत्व कई गुना बढ़ जाता है.

मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से गणपति बप्पा की पूजा, व्रत और मंत्र जाप करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है. ऐसे में अगर आप भी भगवान गणेश की विशेष कृपा पाना चाहते हैं तो इस शुभ अवसर को भूलकर भी नजरअंदाज न करें.

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क्यों खास मानी जाती है वरदा चतुर्थी?

वरदा चतुर्थी अधिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है. इसे वरद विनायक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है. धार्मिक ग्रंथों जैसे गणेश पुराण, मुद्गल पुराण और भविष्य पुराण में इस दिन के महत्व का विशेष वर्णन मिलता है.शास्त्रों के अनुसार, अधिक मास में किए गए व्रत, पूजा-पाठ, दान और मंत्र जाप का फल सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना ज्यादा मिलता है. माना जाता है कि इस समय की गई छोटी-सी साधना भी भगवान गणेश को प्रसन्न कर सकती है.

मलमास में क्यों बढ़ जाता है पूजा का महत्व?

सनातन धर्म में अधिक मास को भगवान विष्णु का प्रिय महीना माना गया है. इस दौरान किए गए धार्मिक कार्य विशेष फलदायी माने जाते हैं. ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार मलमास में भगवान विष्णु और गणेश जी की पूजा करने से जीवन की परेशानियां कम होती हैं और शुभ फल प्राप्त होते हैं.कहा जाता है कि इस दौरान की गई भक्ति कभी व्यर्थ नहीं जाती. इसलिए वरदा चतुर्थी पर गणेश पूजा को बेहद शुभ माना गया है.

वरदा चतुर्थी पर करें ये खास मंत्र जाप

  • श्री गणेशाय नमः
  • ॐ गं गणपतये नमः
  • वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ.
    निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
  • ॐ गं गणपतये सर्व कार्य सिद्धि कुरु कुरु स्वाहा

. गणेश गायत्री मंत्र

  • ॐ वक्रतुण्डाय विद्महे
    एकदंताय धीमहि
    तन्नो दंति प्रचोदयात्॥
  • ॐ नमो हेरम्ब मदमोहित
    मम संकटान् निवारय निवारय स्वाहा॥

वरदा चतुर्थी पर जरूर करें ये काम

  • इस दिन संभव हो तो व्रत रखें और दोपहर के समय गणेश जी की पूजा करें.
  • भगवान गणेश को सिंदूर का तिलक जरूर लगाएं क्योंकि उन्हें सिंदूर अत्यंत प्रिय माना जाता है.
  • श्री गणेशाय नमः दूर्वांकुरान् समर्पयामि मंत्र बोलते हुए 21 दूर्वा अर्पित करें.
  • गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करना भी बेहद शुभ माना गया है.
  • पूजा के बाद गरीब और जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करें.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. Inkhabar इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

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