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What Is CJP: क्या है कॉकरोच जनता पार्टी? जिसने सोशल मीडिया पर पैदा की नई राजनीतिक सनसनी; कौन है इसका लीडर

What Is CJP: क्या है कॉकरोच जनता पार्टी? जिसने सोशल मीडिया पर पैदा की नई राजनीतिक सनसनी; कौन है इसका लीडर

Kya Hai Cockroach Janta Party: सोशल मीडिया पर हाल ही में एक नई पार्टी ने जन्म लिया है. जिस पार्टी की हम बात कर रहे हैं उसका नाम CJP है. CJP का मतलब कॉकरोच जनता पार्टी? अब आपके मन में सवाल उठ रहा होगा की कॉकरोच जनता पार्टी क्या है और ये किसने बनाई है.

तो चलिए जान लेते हैं इस पार्टी का मकसद.

What Is the Cockroach Janta Party: एक अचानक बना राजनीतिक समूह, जो खुद को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ कहता है, ऑनलाइन चर्चाओं में है. यह तब हुआ जब मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कथित तौर पर बेरोज़गार युवाओं की तुलना ‘कॉकरोच’ से की थी. इस समूह का कहना है कि लॉन्च होने के दो दिनों के भीतर ही इसके 40,000 से ज़्यादा सदस्य बन गए. इस पार्टी की स्थापना AAP के पूर्व सोशल मीडिया कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने की है. इसने सोशल मीडिया पर बातचीत के ज़रिए तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा और कीर्ति आज़ाद को पहले ही सदस्य के तौर पर “शामिल” कर लिया है.

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मोइत्रा का तंज

आज़ाद ने X पर पोस्ट किया, ‘मैं कॉकरोच जनता पार्टी में शामिल होना चाहता हूँ. इसके लिए क्या योग्यताएँ ज़रूरी हैं? पार्टी ने जवाब दिया, ‘1983 का विश्व कप जीतना ही काफ़ी योग्यता है.’ मोइत्रा ने CJP की एक पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए कहा कि वो भी इस पार्टी में शामिल होना चाहेंगी, भले ही वो ‘राष्ट्र-विरोधी पार्टी’ की एक सक्रिय सदस्य हैं. पार्टी ने उनका स्वागत करते हुए उन्हें वो योद्धा बताया जिसकी लोकतंत्र को ज़रूरत है.

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क्या बोले CJI ?

15 मई को एक अदालती सुनवाई के दौरान, CJI ने कथित तौर पर कहा था कि कुछ बेरोज़गार युवा पत्रकार, RTI कार्यकर्ता या सोशल मीडिया यूज़र बन जाते हैं और हर किसी पर हमला करना शुरू कर देते हैं. बाद में उन्होंने सफ़ाई दी कि उनके बयानों को ग़लत तरीक़े से पेश किया गया था और उनका मक़सद आम तौर पर बेरोज़गार युवाओं की आलोचना करना नहीं था. उन्होंने कहा कि वो विशेष रूप से उन लोगों का ज़िक्र कर रहे थे जो फ़र्ज़ी या जाली डिग्रियों के साथ किसी पेशे में आते हैं. उन्होंने ये भी कहा कि ऐसी रिपोर्टें जिनमें ये कहा गया है कि उन्होंने युवाओं का अपमान किया है, पूरी तरह से बेबुनियाद हैं.

बता दें कि CJP का घोषणापत्र, जिसे पार्टी ‘धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी, लोकतांत्रिक और आलसी’ बताती है, उसमें कई माँगें शामिल हैं. इनमें मुख्य न्यायाधीशों के रिटायरमेंट के बाद राज्यसभा की सीटों पर रोक लगाना, संसद में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्ष और दल-बदल करने वाले विधायकों और सांसदों पर 20 साल के लिए चुनाव लड़ने पर रोक लगाना शामिल है.

पार्टी की मांगे

पार्टी ने यह भी माँग की है कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) री-चेकिंग की फ़ीस को ख़त्म करे, जिसे उसने “खुला भ्रष्टाचार” बताया है. साथ ही, पार्टी ने NEET परीक्षा विवाद से प्रभावित छात्रों के प्रति भी अपना समर्थन ज़ाहिर किया है. पार्टी ने एक वर्चुअल ‘Gen-Z’ सम्मेलन आयोजित करने की योजना की घोषणा की है, और युवाओं को इसे आयोजित करने में मदद करने के लिए आमंत्रित किया है. सदस्यता के लिए पात्रता मानदंडों में “बेरोज़गार, आलसी, और हर समय ऑनलाइन रहने वाला” होना, और साथ ही “पेशेवर तरीके से भड़ास निकालने की क्षमता” होना शामिल है. यह अभी स्पष्ट नहीं है कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ औपचारिक रूप से पंजीकृत होगी या एक डिजिटल विद्रोह बनकर ही रहेगी; लेकिन इस व्यंग्यात्मक समूह ने युवा भारतीयों के बीच बढ़ रही हताशा की भावना को बखूबी भुनाया है.

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