Bihar Crime News: बिहार के गया जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है. अतरी थाना क्षेत्र के एक गांव में 13 वर्षीय मूक-बधिर और मानसिक रूप से अस्वस्थ नाबालिग बच्ची की कथित दुष्कर्म के बाद हत्या कर दिए जाने का मामला सामने आया है.
इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. पुलिस ने इस मामले में 30 जून को मुख्य आरोपी मनोज मांझी को गया से गिरफ्तार कर लिया.जांच में सामने आया कि आरोपी कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि पीड़िता का सगा फूफा है.आरोपी मूल रूप से सरबहदा गांव का रहने वाला है और वर्ष 2017 से पीड़िता के गांव में ही अपने परिवार के साथ अलग मकान बनाकर रह रहा था.
पीड़िता के चाचा के अनुसार, आरोपी का परिवार से करीबी रिश्ता था और उसका घर में अक्सर आना-जाना लगा रहता था. इसी भरोसे का कथित तौर पर उसने गलत फायदा उठाया. पुलिस अब मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. इस हृदयविदारक घटना के सामने आने के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है. वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और जांच के आधार पर आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा.
21 जून की रात दिया वारदात को अंजाम
जानकारी के मुताबिक, घटना वाले दिन यानी 21 जून की रात करीब 11 बजे मनोज अपने साले के घर आया था. देर रात करीब 2 बजे, जब परिवार के सभी सदस्य गहरी नींद में सो रहे थे, तब मनोज ने लाचार बच्ची को निशाना बनाया. वह विक्षिप्त और गूंगी नाबालिग को अपने कंधे पर उठाकर घर से ले भागा. इसके बाद उसने खेत में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और पहचान उजागर होने के डर से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी.
22 जून को खेत में झाड़ियों से मिला शव
अगली सुबह, 22 जून को गांव के बाहर खेत में झाड़ियों के बीच नाबालिग का शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. इसके बाद मृतका के पिता ने अतरी थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ कथित दुष्कर्म और हत्या का मामला दर्ज कराया. परिजनों के अनुसार, वारदात वाली रात के बाद से ही पीड़िता का फूफा मनोज मांझी अपने घर से गायब था. हालांकि, अगले दिन वह गांव लौट आया और ग्रामीणों के सवाल पूछने पर खुद को पूरी घटना से अनजान बताने लगा. उसकी गतिविधियों ने उस समय लोगों का ध्यान जरूर खींचा, लेकिन किसी के पास उसके खिलाफ ठोस सबूत नहीं था.
मामले ने नया मोड़ तब लिया, जब घटना के तीसरे दिन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अपनी टीम और डॉग स्क्वाड के साथ घटनास्थल पर जांच के लिए पहुंचीं. पुलिस की जांच तेज होते ही मनोज मांझी कथित तौर पर घबरा गया और बिना किसी को बताए दोबारा गांव छोड़कर फरार हो गया. उसके अचानक गायब हो जाने से परिजनों और ग्रामीणों का शक और गहरा गया, जिसके बाद पुलिस ने भी उसे संदेह के दायरे में लेकर तलाश शुरू कर दी.
30 जून को गया जंक्शन से पकड़ा गया आरोपी
परिजनों ने लगातार उसकी तलाश की और अंततः 30 जून को उसे गया रेलवे स्टेशन से पकड़कर वापस नौरंगा गांव लाए. इसके बाद अतरी पुलिस को सूचित कर आरोपी को उनके हवाले कर दिया गया. पुलिस अभिरक्षा में कड़ाई से पूछताछ के दौरान आरोपी मनोज मांझी ने सबके सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया. अतरी थाना प्रभारी अजय कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी फूफा ने अपराध को अंजाम दिया था. पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है और स्पीडी ट्रायल के जरिए उसे सख्त सजा दिलाने की तैयारी की जा रही है.

