Delhi Blind Murder case: दिल्ली पुलिस ने उत्तरी दिल्ली के यमुना विहार इलाके में हुई वारदात का खुलासा करते हुए एक महीने के भीतर मर्डर केस की गुत्थी को सुलझा दिया हैं. जिसके अन्तर्गत पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया हैं.
इसके बाबत आरोपियों को गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस को एक महीने की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी.
दिल्ली पुलिस ने आखिरकार उत्तरी दिल्ली के वजीराबाद पुलिस स्टेशन इलाके में मिलन विहार यमुना खादर में करीब एक महीने पहले मिली एक अज्ञात लाश के मामले को सुलझा लिया है. वजीराबाद पुलिस और AATS की एक संयुक्त टीम ने इस “ब्लाइंड” मर्डर केस को सुलझाया, इसमें शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और उन्हें जेल भेज दिया.
क्या है पूरा मामला समझिये
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पहले चंदन को बहला-फुसलाकर बुलाया, उसे नशीला पदार्थ दिया और फिर बेरहमी से पीटने के बाद कई बार चाकू मारकर उसकी हत्या कर दी. वारदात को अंजाम देने के बाद, उन्होंने लाश को मिलन विहार यमुना खादर इलाके में फेंक दिया और दिल्ली से भाग गए. मामले की गंभीरता को देखते हुए, वजीराबाद पुलिस और AATS की एक संयुक्त टीम बनाई गई; उन्होंने सैकड़ों CCTV फुटेज क्लिप्स की जांच की और गुप्त जानकारी के आधार पर आरोपियों का पता लगाने में कामयाबी हासिल की.
पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपी चंदन को बहाने से एक ऑटो में बैठाकर ले गए. रास्ते में उसकी हत्या कर दी और पहचान छिपाने के इरादे से शव को यमुना खादर के पास फेंककर फरार हो गए। जांच के दौरान पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि आरोपी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं कर रहे थे.
मोबाईल फोन का इस्तेमाल न करना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर
पुलिस के मुताबिक, तीनों अभियुक्त मोबाईल फोन के इस्तेमाल को लेकर काफी सजग थे. शायद उनको इस बात की जानकारी थी, कि मोबाईल फोन रखना उनके लिए खतरनाक साबित हो सकता हैं. इसिलिए उन्होंने घटना को अंजाम देते समय फोन का इस्तेमाल नहीं किया. इसी कारण पुलिस को इस केस को सुलझाने में थोड़ा अधिक वक्त लगा.
मृतक की पहचान तिमारपुर निवासी के रूप में हुई
जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के शरीर पर बने टैटू और अन्य पहचान चिह्नों के आधार पर उसकी पहचान कराने का प्रयास किया. टैटू और हुलिये की तस्वीरें विभिन्न माध्यमों से प्रसारित की गईं, जिसके बाद मृतक की पहचान 34 वर्षीय चंदन सैनी के रूप में हुई. वह तिमारपुर का निवासी था और पुलिस के अनुसार इलाके का बीसी भी था.
पहचान होने के बाद पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) का विश्लेषण किया और स्थानीय स्तर पर पूछताछ की. जांच में सामने आया कि चंदन का तरुण नामक युवक से पुराना विवाद चल रहा था. कुछ दिन पहले दोनों के बीच झगड़ा भी हुआ था, जिसके बाद तरुण ने अपने साथियों सनी और मिराज के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची.
तीनों आरोपियों की पहचान की पुख्ता
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र और मानवीय खुफिया सूचना के आधार पर आरोपियों की गतिविधियों का विश्लेषण किया. दिल्ली के अलावा मुंबई, अमृतसर, जम्मू, पंजाब और उत्तराखंड समेत कई स्थानों पर लगातार दबिश दी गई, लेकिन शुरुआती दौर में आरोपी हाथ नहीं लगे. बाद में जांच में पता चला कि आरोपी सनी ऑटो चालक है. इसके बाद स्थानीय ऑटो चालकों के बीच आरोपियों की तस्वीरें साझा कर सूचना देने की अपील की गई. इसी दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग मिला, जिसके आधार पर सबसे पहले मिराज को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में उसकी निशानदेही पर मुख्य आरोपी तरुण और सनी को भी दबोच लिया गया.
गिरफ्तार आरोपी: पुलिस ने इस मामले में धीरज (32 वर्ष, संगम विहार), तरुण उर्फ तन्नी (32 वर्ष, नेहरू विहार) और पंजाब के अमृतसर से सनी महाजन (19 वर्ष) को गिरफ्तार किया है.

