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घर छोड़कर भागा, की सुसाइड की कोशिश, फिर एक सीख ने बदल दी जिंदगी, आज गायन की दुनिया के हैं महारथी

घर छोड़कर भागा, की सुसाइड की कोशिश, फिर एक सीख ने बदल दी जिंदगी, आज गायन की दुनिया के हैं महारथी

In Khabar 1 month ago

Kailash Kher: अपनी जादुई आवाज से सबको दीवाना बनाने वाले कैलाश खेर की जिंदगी काफी उतार चढ़ाव भरी रही है. उन्होंने छोटी सी उम्र में घर छोड़ दिया और सुसाइड तक करने की कोशिश की थी. 7 जुलाई 1973 को उत्तर प्रदेश के मेरठ में जन्मे कैलाश खेर बचपन से ही संगीत के माहौल में पले बढ़े हैं.

उनके पिता मेहर सिंह खेर लोक गायक थे. इसके कारण वे बचपन से ही संगीत की तरफ आकर्षित रहे. हालांकि उन्होंने शुरुआत में संगीत की जगह कारोबार में अपनी किस्मत आजमाने की कोशिश की.

बता दें कि कैलाश खेर 14 साल की उम्र में घर से भाग गए थे. वे एक ऐसा गुरु ढूंढना चाहते थे, जो उन्हें गायकी सिखा सके. वे घरवालों की इच्छा के खिलाफ ट्रेनिंग लेने चले गए थे. उन्होंने क्लासिकल और फॉक म्यूजिक सीखा.

बिजनेस हो गया फ्लॉप

कैलाश खेर ने अपने दोस्त के साथ मिलकर हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट का बिजनेस शुरू किया था. हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिल सकी और बिजनेस फ्लॉप हो गया. इसके कारण उन्हें काफी नुकसान भी हुआ. इस नुकसान के कारण वे डिप्रेशन में भी चले गए थे. कहा जाता है कि इसके बाद उन्होंने सुसाइड तक करने की कोशिश की थी. उन्होंने खुद को संभालने की कोशिश की और ने ऋषिकेश चले गए. वहां उन्होंने साधु-संतों के साथ समय बिताया, जहां भजन-कीर्तन और वहां के माहौल ने उन्हें नई ऊर्जा दी. इसी दौरान उन्होंने संगीत को अपना जीवन बनाने का निश्चय किया.

2001 में आए मुंबई

साल 2001 में कैलाश खेर मुंबई गए और संगीत के करियर में एक नई शुरुआत की. शुरुआती दिनों में उन्होंने छोटे-छोटे जिंगल्स पर काम किया और अपनी आवाज लोगों तक पहुंचाई. इसके बाद उन्हें फिल्मों में गाने का मौका मिला और उन्हें फिल्म अंदाज के गाने ‘रब्बा इश्क न होवे’ से बड़ा ब्रेक मिला.

इन गानों से मिली पहचान

इसके बाद ‘अल्लाह के बंदे हंस दे’ से उन्हें देशभर में पहचान मिली. इस गाने के पॉपुलर होने पर वे स्टार बन गए. इसके अलावा एक के बाद एक उनके कई गाने जैसे ‘तेरी दीवानी’, ‘सैयां’ और ‘बम लहरी’ सुपरहिट हो गए और वे एक स्टार सिंगर बन गए. कैलाश खेर ने कैलासा बैंड बनाया, जिसने सूफी और लोक संगीत को नए अंदाज में लोगों तक पहुंचाया.

700 से ज्यादा गाने गाए

उन्होंने हिंदी ही नहीं 20 से ज्यादा भाषा में 700 से ज्यादा गाने गाए हैं. उनके इस योगदान के लिए उन्हें भारत सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित किया. इसके साथ ही उन्हें कई फिल्मफेयर समेत बड़े पुरस्कार मिल चुके हैं. उन्होंने बॉलीवुड के साथ-साथ भक्ति, सूफी और लोक संगीत की दुनिया में भी अपनी अलग पहचान बनाई है. उन्होंने देश-विदेश में हजारों लाइव कॉन्सर्ट किए.

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: In Khabar